उत्पन्ना एकादशी 2025: तुलसी के इन उपायों से मिलेगा विष्णु और लक्ष्मी का आशीर्वाद
Utpanna Ekadashi Upay 15 November 2025। मार्गशीर्ष मास की उत्पन्ना एकादशी को वर्ष की सबसे शुभ और पुण्यदायी एकादशी माना जाता है। यह तिथि न केवल पापों से मुक्ति दिलाती है, बल्कि मोक्ष और सौभाग्य की प्राप्ति भी कराती है। इस वर्ष यह पावन तिथि शनिवार, 15 नवंबर 2025 को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ था, जिनकी कृपा से भगवान विष्णु ने असुर मुर का वध किया था।
- उत्पन्ना एकादशी 15 नवंबर
- तुलसी पूजन से मिले वरदान
- विष्णु-लक्ष्मी की कृपा पाएं
- शृंगार से प्रसन्न हों तुलसी
- मंजरी रखने से बढ़े धन
- कच्चा दूध अर्पण करें आज
- मोक्ष और सौभाग्य का व्रत
- एकादशी देवी का प्राकट्य दिवस
- संपन्नता और सुख का पर्व
‘ॐ नमो वासुदेवाय’ का जाप
पौराणिक कथा के अनुसार, जब असुर मुर देवताओं को सताने लगा, तब भगवान विष्णु ने उसके विनाश के लिए युद्ध किया। युद्ध के बीच विश्राम करते समय भगवान के शरीर से एक दिव्य स्त्री उत्पन्न हुई — वही थीं एकादशी देवी। उन्होंने मुर नामक दैत्य का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया। भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया कि जो भी व्यक्ति इस तिथि पर व्रत रखेगा और श्रद्धा से पूजा करेगा, उसके सभी पाप नष्ट होंगे और उसे मोक्ष प्राप्त होगा।
- उत्पन्ना एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त
- तिथि प्रारंभ: 14 नवंबर 2025, शुक्रवार, रात 08:35 बजे
- तिथि समाप्त: 15 नवंबर 2025, शनिवार, शाम 06:50 बजे
- पारण (व्रत खोलने का समय): 16 नवंबर 2025, सुबह 06:30 से 08:30 बजे के बीच
उत्पन्ना एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि तुलसी को माता लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है। इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ खास उपाय करने से विष्णु और लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं वे शुभ उपाय —
तुलसी माता का शृंगार करें
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और घर के तुलसी पौधे के पास दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी माता को शुद्ध जल अर्पित करें और लाल रंग की चुनरी ओढ़ाएं। तुलसी माता को सोलह शृंगार की वस्तुएं जैसे — बिंदी, चूड़ी, सिंदूर, काजल, कंघी, गजरा, और फूल अर्पित करें। ऐसा करने से तुलसी माता प्रसन्न होती हैं और घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास बनता है। इस उपाय से न केवल धन-समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है, बल्कि वैवाहिक जीवन में प्रेम और मधुरता भी बनी रहती है।
तुलसी की मंजरी से करें धन वृद्धि का उपाय
शास्त्रों में बताया गया है कि उत्पन्ना एकादशी के दिन तुलसी की मंजरी (फूल) का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूजा के बाद तुलसी की कुछ मंजरी तोड़कर लाल कपड़े में बांध लें। इस छोटी पोटली को अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखें।
माना जाता है कि इस उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और धन की आवक बढ़ने लगती है। यह उपाय माता लक्ष्मी को प्रसन्न करता है और आर्थिक तंगी दूर करता है।
तुलसी माता को कच्चा दूध चढ़ाएं
एकादशी तिथि को तुलसी माता की पूजा का विशेष फल मिलता है। इस दिन तुलसी माता को कच्चा दूध अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुबह स्नान के बाद पहले तुलसी को स्वच्छ जल से सींचें और फिर दूध अर्पित करें। इसके बाद तुलसी माता के सामने घी का दीपक जलाएं और मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जाप करें। माना जाता है कि इससे मन की शुद्धि होती है, वातावरण पवित्र बनता है और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
तुलसी पर दीपदान का पुण्य
उत्पन्ना एकादशी की संध्या के समय तुलसी माता के सामने घी का दीपक जलाकर दीपदान करना बहुत शुभ होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस उपाय से घर के दोष नष्ट होते हैं और सौभाग्य स्थायी होता है। दीपक जलाते समय यह मंत्र बोलें —
“तुलस्यै नमः सर्वमंगलमंगल्ये नमः।” इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और घर में शांति बनी रहती है।
तुलसी पत्र से करें विष्णु पूजन
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं। बिना तुलसी के भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि तुलसी पत्र अर्पित करने से भगवान नारायण अति प्रसन्न होते हैं और भक्त को उसके कर्मों के अनुसार शुभ फल प्रदान करते हैं।
दान और सेवा का विशेष महत्व
एकादशी के दिन गरीबों को भोजन कराना, कंबल, वस्त्र या अनाज का दान करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। यदि संभव हो तो इस दिन ब्राह्मण या जरूरतमंद को प्रसाद स्वरूप तुलसी की पत्तियां या तुलसी बीज भी दें। यह उपाय पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। उत्पन्ना एकादशी का व्रत सभी पापों का नाश करने वाला और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। इस दिन तुलसी माता का पूजन, दूध अर्पण, दीपदान और तुलसी मंजरी से जुड़े उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की असीम कृपा प्राप्त होती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से यह व्रत करता है। उसके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य स्थायी रूप से निवास करते हैं। उत्पन्ना एकादशी के दिन तुलसी और विष्णु का पूजन करने से जीवन के सारे संकट मिट जाते हैं और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। (प्रकाश कुमार पांडेय)