वॉशिंगटन, 15 मार्च — पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता माने जा रहे मोजतबा खामेनेई समेत कई प्रमुख ईरानी अधिकारियों की जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग एक करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की है। यह घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्रालय के विशेष कार्यक्रम Rewards for Justice Program के तहत की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दुनिया भर में आतंकवाद से जुड़े संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है।
ईरानी नेतृत्व पर अमेरिका का बड़ा कदम
मोजतबा खामेनेई पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार इस इनाम की घोषणा खास तौर पर उन अधिकारियों को निशाना बनाते हुए की गई है जो ईरान की सत्ता और सैन्य ढांचे में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये अधिकारी ऐसे संगठनों और गतिविधियों से जुड़े हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल हैं। घोषित सूची में मोजतबा खामेनेई के अलावा कई अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारी भी शामिल हैं। इनमें अली असगर हेजाजी, यहया रहीम सफावी, अली लारीजानी, एस्कंदर मोमेनी और इस्माइल खतीब के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि ये अधिकारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के विभिन्न अंगों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अमेरिका का आरोप है कि यह संगठन दुनिया भर में कई आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहा है। हालांकि ईरान इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। अमेरिका की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति इन अधिकारियों के बारे में महत्वपूर्ण और विश्वसनीय जानकारी देगा, उसे नकद इनाम दिया जा सकता है। साथ ही उस व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर उस व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
अमेरिका के इस फैसले को पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में बढ़े तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह कदम उठाया गया है। हाल ही में ईरान के शीर्ष नेतृत्व में हुए बदलाव और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद क्षेत्र में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह घोषणा ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। पिछले कई वर्षों से अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार तीखी बयानबाजी और टकराव की स्थिति बन चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस तरह के इनाम कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी जुटाना ही नहीं होता, बल्कि इससे संबंधित व्यक्तियों और संगठनों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनाया जाता है। इससे उनके सहयोगियों और नेटवर्क के भीतर भी असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। दूसरी ओर ईरान अक्सर अमेरिका के ऐसे कदमों को राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप की नीति का हिस्सा बताता रहा है। तेहरान का कहना है कि उसकी सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से देश की सुरक्षा के लिए काम करती है और उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
फिलहाल अमेरिका की इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है। पश्चिम एशिया पहले से ही कई संकटों से जूझ रहा है और ऐसे में इस तरह के कदम क्षेत्रीय राजनीति को और अधिक जटिल बना सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस कदम पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है और इसका क्षेत्रीय राजनीति तथा वैश्विक कूटनीति पर क्या असर पड़ता है।





