अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का टैरिफ ऐलान और भारतीय फार्मा शेयर बाजार में कोहराम…!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मास्यूटिकल सेक्टर सहित कई क्षेत्रों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। इस ऐलान के तुरंत बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी दबाव देखने को मिला। विशेष रूप से उन फार्मा कंपनियों के शेयर, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्सपोज़र है, तेजी से बिखर गए।
आज शुक्रवार 26 सितंबर के कारोबार में सेंसेक्स 412.67 अंक गिरकर 80,747.01 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 115 अंक की गिरावट के साथ 24,776 पर कारोबार कर रहा है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि फार्मा सेक्टर भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है।
फार्मा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
भारत की प्रमुख पांच फार्मा कंपनियों के शेयर सबसे अधिक प्रभावित
अरबिंदो फार्मा (Arvindo Pharma): 1.91% गिरकर 1,076 रुपये
ल्यूपिन (Lupin): करीब 3% की गिरावट, 1,918.60 रुपये
डीआरएल (DRL): 2.5% की गिरावट
सन फार्मा (Sun Pharma): 3.8% टूटकर 1,580 रुपये
बायोकॉन (Biocon): 4% की गिरावट
इसके अलावा स्ट्राइड्स फार्मा साइंस में 6%, नैट्को फार्मा में 5%, ग्लैनफार्मा में 3.7%, डिविलैब में 3% और IPCA लैब में 2.5% की गिरावट देखने को मिली। Cipla के शेयर 2% टूटे और Zydus Life में 2% की गिरावट रही।
विश्लेषकों का कहना है कि फार्मा कंपनियों का अमेरिकी बाजार पर उच्च निर्भरता और ट्रंप के टैरिफ ने इस गिरावट को बढ़ावा दिया।
बीएसई टॉप 30 में दबाव
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। सन फार्मा के शेयर में सबसे अधिक 3.8% की गिरावट हुई। इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे 25 शेयरों में लगभग 2% तक का नुकसान हुआ। हालांकि, कुछ 5 शेयरों में हल्की तेजी देखी गई। टैरिफ के प्रभाव से आज फार्मा सेक्टर में सबसे बड़ा दबाव नजर आया, यह 1.80% टूटकर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा H-1B वीजा और अमेरिका की नीतियों के चलते आईटी सेक्टर में 1.30% और हेल्थकेयर सेक्टर में 1.50% की गिरावट दर्ज की गई।
शेयरों की स्थिति और बाजार के हाल
बीएसई के 3,073 शेयरों में से 864 शेयरों में तेजी
2,062 शेयर गिरावट
147 शेयर स्थिर
आज 76 शेयरों में अपर सर्किट, जबकि 65 में लोअर सर्किट लगा। इसके अलावा 88 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक संकेत है कि विदेशी नीतियों और अमेरिकी टैरिफ की वजह से भारतीय कंपनियों के शेयर बाजार पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
निवेशकों को भारी नुकसान
आज की गिरावट के कारण निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन कल 457 लाख करोड़ रुपये था, जो आज घटकर 454 लाख करोड़ रुपये रह गया। विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि फार्मा सेक्टर में अमेरिकी बाजार पर निर्भर कंपनियों को आने वाले समय में सावधानीपूर्वक रणनीति अपनानी होगी। निवेशकों को भी धैर्य बनाए रखने और लंबी अवधि के लिए निवेश के विकल्पों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
शेयर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह टैरिफ ऐलान वैश्विक व्यापार नीति में बदलाव का हिस्सा है। अमेरिकी सरकार का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर नियंत्रण रखना है। विशेषज्ञों का कहना है कि फार्मा सेक्टर में अमेरिकी बाजार के बड़े हिस्से का दबाव भारतीय कंपनियों के शेयरों में अस्थिरता पैदा कर रहा है। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी और लंबी अवधि की योजना अपनाने का है।
डोनाल्ड ट्रंप के फार्मा सेक्टर पर 100 फीसदी टैरिफ ऐलान का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, और प्रमुख फार्मा कंपनियों के शेयरों में भारी टूट दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी नीतियों और टैरिफ के प्रभाव से बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों के लिए यह समय सोच-समझकर फैसले लेने और जोखिम प्रबंधन करने का है। (प्रकाश कुमार पांडेय)