अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर बड़ी कूटनीतिक पहल


इसी बीच भारत द्वारा जब्त किए गए तीन जहाजों के मामले में ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इन जहाजों का ईरान से कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से एशियाई और यूरोपीय अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। साथ ही पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति भी संवेदनशील बनी हुई है। कूटनीतिक प्रयासों के बीच दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले हफ्तों में अमेरिका और ईरान के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं—तनाव कम होगा या टकराव और बढ़ेगा।





