परचून दुकानदार की बेटी बनीं IAS, पहले प्रयास में IPS और दूसरे में 9वीं रैंक लाकर आस्था जैन ने रचा इतिहास
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित हो चुका है और इस बार उत्तर प्रदेश के शामली जिले की बेटी आस्था जैन ने शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। साधारण परिवार से आने वाली आस्था जैन ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 9वीं रैंक प्राप्त कर टॉप-10 में जगह बनाई है। खास बात यह है कि आस्था ने अपने पहले प्रयास में ही UPSC परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया था, जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए IAS बनने का सपना पूरा कर लिया। आस्था जैन की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।
साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि
आस्था जैन का परिवार उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला कस्बे में रहता है। उनके पिता अजय कुमार एक छोटी सी परचून की दुकान चलाते हैं, जिससे पूरे परिवार का खर्च चलता है। उनकी मां गृहिणी हैं और परिवार को संभालने में अहम भूमिका निभाती हैं।
आस्था के परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। सीमित आय के बावजूद उनके माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। परिवार का मानना था कि शिक्षा ही वह रास्ता है जिससे बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।
आस्था बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज रही हैं। स्कूल के दिनों से ही उनका सपना था कि वह सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करें। परिवार और शिक्षकों ने भी उनकी इस इच्छा को पूरा समर्थन दिया।
पहले प्रयास में बनीं IPS अधिकारी
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लाखों उम्मीदवार हर साल इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही अंतिम सूची तक पहुंच पाते हैं।
आस्था जैन ने अपनी पहली ही कोशिश में यह परीक्षा पास कर ली थी। वर्ष 2025 में उन्होंने 131वीं रैंक हासिल की थी, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ। इसके बाद उन्हें हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।
हालांकि IPS बनने के बाद भी आस्था का सपना IAS अधिकारी बनने का था। इसी वजह से उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान छुट्टी लेकर फिर से तैयारी शुरू कर दी।
दूसरे प्रयास में हासिल की 9वीं रैंक
कड़ी मेहनत और मजबूत आत्मविश्वास के दम पर आस्था जैन ने दूसरी बार UPSC परीक्षा दी। इस बार उन्होंने और बेहतर प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में 9वीं रैंक हासिल की।
इस उपलब्धि के साथ ही उनका IAS बनने का सपना भी पूरा हो गया। दूसरे प्रयास में टॉप-10 में जगह बनाना किसी भी उम्मीदवार के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
कोचिंग के बाद सेल्फ स्टडी पर दिया जोर
आस्था जैन ने अपनी तैयारी के शुरुआती दौर में दिल्ली में रहकर कुछ समय के लिए कोचिंग ली थी। लेकिन इसके बाद उन्होंने ज्यादा ध्यान सेल्फ स्टडी यानी स्वयं अध्ययन पर दिया।
उनका मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, सही रणनीति और आत्मअनुशासन सबसे ज्यादा जरूरी होते हैं। उन्होंने समय का सही उपयोग करते हुए लगातार पढ़ाई की और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।
पिता बोले – बेटियों को बराबरी का मौका दिया
आस्था जैन की सफलता पर उनके पिता अजय कुमार बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को बेटों के बराबर अवसर दिए। उन्होंने कहा, “मेरी एक बेटी डॉक्टर है और दूसरी ने IAS बनकर परिवार का नाम रोशन किया है। मैंने हमेशा कोशिश की कि बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी न रहे।”
उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों को मौका दिया जाए तो वे किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनीं आस्था
आस्था जैन की सफलता उन छात्रों के लिए बड़ी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। एक छोटे कस्बे से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप-10 में जगह बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
उनकी कहानी यह भी साबित करती है कि सफलता के लिए केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और दृढ़ निश्चय भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल
आस्था जैन की सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। कांधला और शामली में लोगों ने मिठाइयां बांटकर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आस्था ने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई प्रेरणा बन गई हैं।
मेहनत और सपनों की मिसाल
आस्था जैन की सफलता यह साबित करती है कि सपने बड़े हों तो रास्ते खुद बन जाते हैं। एक परचून दुकानदार की बेटी का IAS बनना केवल एक खबर नहीं, बल्कि मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानी है। उनकी यह उपलब्धि उन सभी युवाओं को यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत हो तो सफलता जरूर मिलती है।





