कोलकाता… पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को उस समय जबरदस्त हंगामा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष सदन की कार्यवाही के दौरान अपनी सीट छोड़कर वेल में पहुंच गए… उन्होंने विपक्ष के मुख्य सचेतक अखेरुज्जमां को बोलने से रोकने का विरोध करते हुए स्पीकर के निर्देशों की अनदेखी की और जोरदार हंगामा किया…
- सदन में मार्शलों की एंट्री
- वेल में पहुंचे कुणाल घोष
- स्पीकर के आदेश की अनदेखी
- एक दिन के लिए निलंबन
- बंगाल विधानसभा में हाई-वोल्टेज ड्रामा
स्थिति बिगड़ने पर विधानसभा मार्शलों को बुलाया गया… स्पीकर की बार-बार चेतावनी के बावजूद कुणाल घोष अपनी सीट पर नहीं लौटे… इसके बाद मार्शलों ने उन्हें सदन से उठाकर बाहर निकाला… बाद में स्पीकर ने उन्हें दिनभर के लिए निलंबित कर दिया…
घटना पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे विधानसभा की गरिमा के खिलाफ बताया… उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने सदन में ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा… वहीं विपक्ष के मुख्य सचेतक अखेरुज्जमां ने कहा कि किस विधायक को सदन में बोलने का अवसर दिया जाएगा, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व और मुख्य सचेतक का अधिकार है…
उधर राज्य के उद्योग मंत्री तपस रॉय ने कुणाल घोष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की… हालांकि मुख्यमंत्री के सुझाव के बाद स्पीकर ने उन्हें पूरे सत्र के बजाय केवल एक दिन के लिए निलंबित करने का फैसला किया…
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है तथा सदन की कार्यवाही और अनुशासन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।





