पटना. इस वक्त बिहार की राजनीति की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, हालांकि इसके कयास लंबे समय से लग रहे थे। आज सोमवार यानी 20 फरवरी को जेडीयू संसदीय बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार से लंबे समय से नाराज चल रहे उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को जदयू से अलग होकर खुद की नई पार्टी का ऐलान कर दिया है। उनकी नयी पार्टी का नाम राष्ट्रीय लोक जनता दल है।
- उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि दो दिनों से पटना कार्यकर्ताओं के साथ चल रही बैठक में उनको अपने साथियों से जो फीडबैक मिला उसके आधार पर अब नई पार्टी बनाने का समय आ गया है
- उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल होने पहुंचे जेडीयू के कई कार्यकर्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति को देखते हुये मुझसे अलग पार्टी बनाने का निवेदन किया
- कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुये हमलोगों ने नई पार्टी के गठन का निर्णय ले लिया है
लंबे समय से चल रही थी कुश्ती
उपेंद्र कुशवाहा ने पिछले एकाध महीनों से नीतीश को लगातार चेतावनी दी थी। उन्होंने पहले ही कहा था कि वह 19-20 को कार्यकर्ताओं से बात कर फैसला लेंगे। इससे पहले उन्होंने खुला पत्र लिखकर भी नीतीश की आलोचना की थी।
- कुशवाहा ने कहा कि आज से उनकी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो रही है
- उन्होंने कहा कि 2 साल पहले हम जेडीयू में आए तो राज्य के सामने एक विशेष परिस्थिति थी
- उससे पहले जननायक की विरासत संभालने की जिम्मेवारी लोगों ने लालू यादव को दी थी
- कुशवाहा ने नीतीश की कटु आलोचना करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने शुरुआती दौर में बहुत बेहतर काम किया, लेकिन बाद में अंत बुरा हो गया, अंत बुरा तो सब बुरा
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज सुबह ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और जदयू के राज्य सभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह को उन्होंने सुबह में ही पार्टी से अलग होने की जानकारी दे दी थी। कुशवाहा जेडीयू के सारे पदों और जिम्मेदारियों को छोड़ रहे हैं।
बता दें, आज उपेंद्र कुशवाहा की बैठक में नयी पार्टी के गठन का राजनीतिक प्रस्ताव लाया गया और वह पारित भी हो गया है। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। उनको पार्टी के नाम, झंडा और कई जिम्मेदारियों के लिए अधिकृत किया गया है। कुशवाहा ने कहा कि विपक्षी पार्टियों में एकता नहीं है और ऐसे में पीएम मोदी के लिए 2024 में जीतना आसान होगा।