पटना।जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) सुर्खियों में हैं। लगातार। वह पिछले कुछ समय से जेडीयू (JDU) और आरजेडी (RJD) के बीच डील को लेकर काफी मुखर हैं और सवाल उठा रहे हैं। उपेन्द्र कुशवाहा लगातार यह कहते रहे हैं कि जनता को बताना चाहिए कि दोनों पार्टियों के बीच क्या डील हुई है? बुधवार को आखिरकार मीडिया के सामने उन्होंने इसका भी खुलासा कर दिया।
- उपेंद्र कुशवाहा ने उन्होंने खुद ही इस बात का खुलासा कर दिया कि जेडीयू-आरजेडी के बीच वह किस डील की बात कर रहे हैं?
- उन्होंने खुलकर तेजस्वी का नाम भी लिया
- कुशवाहा ने यह भी साफ किया कि वह जेडीयू में हैं और पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं
- उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वह बार-बार आग्रह करते हैं कि मुख्यमंत्री बस चाहे, तो वह जाकर बात करने को तैयार हैं
- कुशवाहा ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर कुछ नहीं चाहते हैं, बस पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं
चेहरा पसंद न होना व्यक्तिगत मामला
कुशवाहा ने कहा कि उनका चेहरा किसी को पसंद हो, न हो, इससे क्या फर्क पड़ता है। यह तो व्यक्तिगत मामला है। वह तो बस चाहते हैं कि जिस हिसाब से डील हुई है, पार्टी वैसे ही बढ़े। कुशवाहा ने कहा कि 2025 के लिए जेडीयू के अंदर से ही किसी का नाम आगे किया जाए, चाहे वह किसी समाज का हो।
- कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू से नाम रहा तो वह तरीके से तैयार हैं और इसी से पार्टी मजबूत होगी, नहीं तो बर्बाद हो जाएगी
- उपेंद्र कुशवाहा ने खुलकर तेजस्वी यादव का नाम लिया
- उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार कहें कि डील नहीं हुई है और तेजस्वी का नाम आगे नहीं करेंगे
दो-चार लोग ही सीएम के बगलगीर
कुशवाहा ने कहा कि दो-चार लोग जो हैं वह मुख्यमंत्री के इधर-उधर घूमते रहते हैं। सीएम अपने मन से कुछ नहीं करते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार को झंझावात से बाहर निकाला था। नीतीश कुमार ही थे जिनकी काबिलियत के चलते बिहार बाहर आ सका और अब फिर उसी राह पर बिहार जा रहा है। नीतीश कुमार के मन में भी दर्द है लेकिन यह काम उनसे करवाया जा रहा है।
जो करना है, पार्टी तय करे
19 फरवरी को उपेंद्र कुशवाहा ने बैठक बुलाई है और इसके पहले वह कार्यकर्ताओं को एक ओपन लेटर लिख चुके हैं। जब ुनसे पूछा गया कि पार्टी की ओर से कार्रवाई की बात कही जा रही है तो जवाब में उन्होंने कहा कि वह हर तरह की कार्रवाई झेलने के लिए तैयार हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने पार्टी की मजबूती के लिए ही उन्होंने मीटिंग रखी है, कुशवाहा रहे या न रहे, पार्टी को बचा लिया जाए।





