यूपी योगी सरकार की पहल…विश्व बैंक सहयोग से दूर होगा वायू प्रदूषण…सीएम करेंगे क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट प्रारंभ

UP Yogi government initiative with World Bank support

यूपी योगी सरकार की पहल…विश्व बैंक सहयोग से दूर होगा वायू प्रदूषण…सीएम करेंगे क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट प्रारंभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगले साल जनवरी में उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UPCAMP) का शुभारंभ करेंगे। यह परियोजना विश्व बैंक के सहयोग से संचालित होगी और राज्य में बढ़ते वायु प्रदूषण और स्वच्छता चुनौतियों से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

UPCAMP प्रोजेक्ट का संचालन एक गवर्निंग बॉडी के तहत किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। इसमें परियोजना से संबंधित विभागों के प्रधान सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव सदस्य होंगे। प्रोजेक्ट की दूसरी बैठक हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना की प्रगति और सभी क्रियान्वयन संबंधी कदमों की अद्यतन जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।

इस परियोजना पर विस्तृत चर्चा 3 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में हुई थी, जिसमें आर्थिक मामलों के विभाग (DEA), विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी शामिल थे। इसके बाद 10 दिसंबर 2025 को विश्व बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा परियोजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई।

प्रोजेक्ट का उद्देश्य और महत्व

UPCAMP भारत की पहली एयर बेसिन–आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन परियोजना है। यह इंडो-गैंगेटिक मैदानों में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को लक्षित करते हुए बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम के रूप में विकसित की गई है। परियोजना को बनाने में IIT कानपुर, IIT दिल्ली और नॉर्वेजियन इंस्टीट्यूट फॉर एयर रिसर्च (NILU) जैसे संस्थानों के साथ विश्व बैंक के वैज्ञानिक अध्ययन शामिल हैं। परियोजना में IIASA, ऑस्ट्रिया द्वारा विकसित GAINS मॉडल का उपयोग किया गया है।

UPCAMP का कुल बजट 304.66 मिलियन डॉलर है, जिसमें 299.66 मिलियन डॉलर का ऋण और 5 मिलियन डॉलर का अनुदान शामिल है। यह परियोजना 2025 से 2031 तक छह वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी।

मुख्य उपाय और लाभ

UPCAMP का मुख्य उद्देश्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करना है। परियोजना के तहत उठाए जाने वाले प्रमुख कदम इस प्रकार हैं: स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू उपाय…3.9 मिलियन घरों को खाना पकाने के समाधान उपलब्ध कराएंगे… स्वच्छ परिवहन….लखनऊ, वाराणसी कानपुर, और गोरखपुर में 15,000 E ऑटो E-रिक्शा और 500 E बसें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, 13,500 प्रदूषणकारी भारी वाहनों के प्रतिस्थापन पर प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। कृषि और पशुपालन: पोषण उपयोग दक्षता (nutrient use-efficiency) तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि कृषि और पशुपालन से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके। औद्योगिक क्षेत्र: ईंट निर्माण और टनल किल्न में संसाधन दक्ष तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिए जाएंगे। औद्योगिक क्लस्टरों के लिए स्वच्छ वायु प्रबंधन योजनाएं विकसित की जाएंगी।

नीति निर्माण और तकनीकी अध्ययन: मिनी-बॉयलर से कॉमन बॉयलर सुविधाओं में संक्रमण के लिए नीति विकास और व्यवहार्यता अध्ययन किए जाएंगे।

उम्मीदें और सामाजिक प्रभाव

इस परियोजना के माध्यम से न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की भी संभावना है। सरकार का उद्देश्य शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना उत्तर प्रदेश को प्रदूषण कम करने और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मॉडल बनाने में मदद करेगी।

कुल मिलाकर, UPCAMP परियोजना उत्तर प्रदेश में स्वच्छ वायु, तकनीकी नवाचार और बहु-क्षेत्रीय सहयोग का एक नया अध्याय साबित होगी, जो राज्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदूषण प्रबंधन के लिए एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करेगी।

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