यूपी रेरा ने 21 नए प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी…NCR से गोरखपुर तक सस्ते घरों का रास्ता साफ
7,035 करोड़ रुपये के निवेश से बदलता रियल एस्टेट परिदृश्य
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने शनिवार को अपनी 184वीं बैठक में 21 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। इन प्रोजेक्ट्स में लगभग 7,035 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इसके तहत कुल 10,866 नए घर और व्यावसायिक इकाइयां तैयार की जाएंगी। चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे और रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
NCR से गोरखपुर तक सस्ती और आधुनिक आवासीय सुविधाएं
ये मंजूर प्रोजेक्ट्स केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लखनऊ, वाराणसी, मथुरा, आगरा, बरेली, रामपुर, बाराबंकी और गोरखपुर जैसे शहरों में भी लॉन्च होंगे। इससे क्षेत्रीय स्तर पर आवास और वाणिज्यिक जगहों की कमी दूर होगी। खास बात यह है कि इन प्रोजेक्ट्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए भी आवास आरक्षित किए गए हैं, जिससे सस्ते घरों का सपना आम लोगों तक पहुंच सकेगा।
होम बायर्स को मिलेगी वित्तीय सुरक्षा और पारदर्शिता
RERA नियमों के तहत अब बिल्डर खरीदारों से प्राप्त राशि का 70% एक अलग एस्क्रो अकाउंट में जमा करेंगे। इस राशि का उपयोग केवल उसी प्रोजेक्ट की भूमि और निर्माण कार्य पर किया जाएगा। इससे फंड के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी। साथ ही, प्रॉपर्टी अब केवल कारपेट एरिया के आधार पर बेची जाएगी, जिससे खरीदारों को अपने घर का वास्तविक आकार पता चलेगा और उन्हें अतिरिक्त पैसे नहीं चुकाने पड़ेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वीकृत प्लान, सरकारी अनुमति और रजिस्ट्रेशन की जानकारी UP RERA की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
समय पर पजेशन और शिकायत निवारण की गारंटी
UP RERA की मंजूरी वाले प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध ढंग से पूरा करना अनिवार्य होगा। यदि बिल्डर तय समय पर पजेशन देने में नाकाम रहता है तो उसे खरीदारों को ब्याज सहित रिफंड करना होगा या देरी की अवधि तक ब्याज का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, घर मिलने के बाद 5 साल तक यदि किसी तरह की संरचनात्मक खराबी सामने आती है तो डेवलपर को उसे मुफ्त में ठीक करना होगा। शिकायतों के समाधान के लिए रेरा ने एक प्रभावी और सरल निवारण तंत्र तैयार किया है, जिससे खरीदारों को लंबे मुकदमों में नहीं उलझना पड़ेगा।
निवेशकों और खरीदारों के लिए भरोसेमंद माहौल
इन 21 प्रोजेक्ट्स की मंजूरी रियल एस्टेट क्षेत्र में एक सकारात्मक संकेत है। बिल्डरों को अब केवल वही विज्ञापन और दावे करने होंगे जो RERA के पास पंजीकृत हैं। इससे झूठे और भ्रामक दावों पर रोक लगेगी और खरीदार सोच-समझकर निर्णय ले पाएंगे। 11,000 नई इकाइयों के निर्माण से बाजार में आवासीय और वाणिज्यिक विकल्पों की कमी दूर होगी, जबकि निवेशकों के लिए भी यह एक भरोसेमंद माहौल तैयार करेगा। यूपी रेरा की यह पहल न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती देगी, बल्कि घर का सपना देखने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी। NCR से लेकर गोरखपुर तक फैले ये प्रोजेक्ट्स प्रदेश में विकास और पारदर्शिता की नई मिसाल पेश करेंगे। प्रकाश कुमार पांडेय





