यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 : व्यापार और संस्कृति का महाकुंभ
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2025 तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक ताकत को वैश्विक मंच पर पेश करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।
रिकॉर्ड बुकिंग से बढ़ा उत्साह
बताया जाता है कि इस साल शो के लिए करीब 37,085 वर्गमीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इसमें से अब तक 28,649 वर्गमीटर स्पेस बुक हो चुका है। यह साफ संकेत है कि आयोजन में देश-विदेश की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिलेगी।
योगी सरकार की योजनाओं का प्रदर्शन
औद्योगिक विकास विभाग : इन्वेस्ट यूपी, यूपीसीडा, जीनीडा, यीडा और नोएडा अथॉरिटी अपनी उपलब्धियां और नई योजनाएं पेश करेंगे। टेक्नोलॉजी व एनर्जी सेक्टर : आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा विभाग अपनी नीतियों का प्रदर्शन करेंगे। शहरी व सामाजिक विकास : नगर विकास, पर्यटन एवं संस्कृति, स्वच्छ गंगा मिशन, सिंचाई विभाग और स्वास्थ्य सेवाएं भी आकर्षण का केंद्र होंगे। पर्यावरण व आयुष : पर्यावरण, वन विभाग और आयुष मंत्रालय भी अपनी भूमिका दिखाएंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और GI प्रोडक्ट्स को मंच
कृषि और डेयरी : कृषि विभाग, डेयरी डेवलपमेंट, एनिमल हस्बैंड्री और फिशरीज विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे। ओडीओपी और जीआई प्रोडक्ट्स : यूपी के पारंपरिक हस्तशिल्प और विशेष उत्पाद घरेलू व विदेशी खरीदारों के सामने रखे जाएंगे।
अन्य आकर्षण
शुगर और गन्ना, टेक्सटाइल और हैंडलूम्स, क्रेडाई, बैंकिंग व फाइनेंस, ट्रांसपोर्ट (ऑटो व ईवी), यूपीएसडीएम और हायर एजुकेशन से जुड़े स्टॉल्स भी प्रदर्शनी का हिस्सा होंगे।
नए उद्यमियों और युवाओं को अवसर
सीएम युवा और न्यू एंटरप्रेन्योर्स पवेलियन
पार्टनर देश का पवेलियन यानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
बी2बी और बी2सी स्टेज – व्यापारिक मुलाकातों और उपभोक्ता संवाद के लिए खास मंच।
सांस्कृतिक रंग भी बिखरेगा
व्यापार और उद्योग ही नहीं इसके अलावा आयोजन स्थल पर फूड कोर्ट्स भी होंगे तो वहीं कल्चरल स्टेज के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगेगे। इससे यह आयोजन न केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक बड़ा मंच बनने वाला है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025, राज्य को इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन और कल्चरल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उद्यमियों और किसानों को वैश्विक पहचान मिलेगी। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत भी दुनिया के सामने आएगी। प्रकाश कुमार पांडेय