यूपी का ऐतिहासिक बजट: पूर्वांचल-बुंदेलखंड को मिलेगा बड़ा फायदा, इन सेक्टरों पर खर्च बढ़ेगा
लखनऊ, 10 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में राज्य का सबसे बड़ा बजट पेश होने को तैयार है। 11 फरवरी को प्रस्तुत होने वाला यह बजट (लगभग 9 लाख करोड़ रुपये) न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बजट यूपी को “इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक न्याय” के नए मॉडल की ओर ले जाएगा।
राज्य सरकार ने इन दोनों क्षेत्रों के लिए 1,900 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 700 करोड़ रुपये अधिक है। इन जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और कृषि परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- बुनियादी ढांचे का विस्तार: सड़कों, सिंचाई परियोजनाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
- युवाओं के लिए रोजगार: “स्किल डेवलपमेंट हब” स्थापित करने की योजना से 50,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- कृषि सुधार: बुंदेलखंड के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई और जैविक खेती के लिए सब्सिडी मिलेगी।
विशेषज्ञ राय: “पूर्वांचल और बुंदेलखंड में बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इन क्षेत्रों को पिछड़ा रखा है। यह बजट इनकी आर्थिक संरचना को बदल सकता है।
- शिक्षा पर 15% बजट: स्कूलों में डिजिटल लैब्स, शिक्षकों का प्रशिक्षण और छात्रवृत्तियों में वृद्धि की जाएगी।
- स्वास्थ्य सेवाओं पर 8%: ग्रामीण क्षेत्रों में नए अस्पतालों और “आयुष्मान भारत” योजना का विस्तार।
- शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का वेतन: इन कर्मचारियों के वेतन में 20-25% की वृद्धि की संभावना है।
गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करने वाली इस योजना में सहायता राशि को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करने की योजना है। इससे प्रति वर्ष 1 लाख से अधिक विवाहों को फायदा मिलेगा।
4. महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए राहत
- आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय: मासिक वेतन 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये किया जाएगा।
- निराश्रित महिला पेंशन: राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह।
- स्वयं सहायता समूह (SHG): 3 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त फंड दिया जाएगा।
5. इंफ्रास्ट्रक्चर: बजट की रीढ़
- 2.5 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान सड़कों, पुलों, बिजली ग्रिड और एक्सप्रेस-वे पर खर्च किया जाएगा।
- यूपी मेट्रो एक्सपेंशन: कानपुर और आगरा में मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी मिल सकती है।
- डिजिटल कनेक्टिविटी: ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुँच बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित।
- सौर ऊर्जा परियोजनाएँ: ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने के लिए 200 करोड़ रुपये।
- जल संरक्षण: बुंदेलखंड में “जल शक्ति अभियान” को मजबूती।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट यूपी में यूपीएससी और पंचायत चुनावों से पहले जनता का समर्थन हासिल करने की रणनीति है। “इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस से सरकार को राजनीतिक लाभ मिल सकता है,” – राजनीतिक विश्लेषक अजय मिश्रा।
एक समावेशी विकास की दिशा
UP का बजट न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक समानता को बढ़ावा देगा। पूर्वांचल-बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों को विशेष ध्यान देकर सरकार ने “सबका विकास” के सिद्धांत को मजबूती दी है। हालाँकि, इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता और निगरानी महत्वपूर्ण होगी।