ग्लोबल निवेश हब के रूप में उभरा यूपी…मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से यूपी बना निवेशकों की पसंद

UP emerges as global investment hub

ग्लोबल निवेश हब के रूप में उभरा यूपी

पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई इबारत लिखते हुए खुद को एक ‘ग्लोबल निवेश हब’ के रूप में स्थापित किया है। कभी सीमित संसाधनों और कमजोर कनेक्टिविटी के लिए पहचाने जाने वाला यह राज्य आज देश के आर्थिक मानचित्र पर मजबूती से उभरा है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, एयर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विस्तार के चलते यूपी निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क में देश में अग्रणी

उत्तर प्रदेश आज देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क का केंद्र बन चुका है। 2017 से पहले जहां केवल 2 एक्सप्रेसवे संचालित थे, वहीं अब 22 एक्सप्रेसवे (संचालित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित) का विशाल नेटवर्क तैयार हो चुका है। यह नेटवर्क न केवल शहरों को जोड़ रहा है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी गति दे रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे 26 जिलों में हजारों हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित की गई है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

अतीत से वर्तमान तक विकास का सफर

2017 से पहले यूपी को इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और धीमी विकास गति के लिए जाना जाता था। कनेक्टिविटी की कमी के कारण उद्योगों की लागत बढ़ जाती थी और निवेशक प्रदेश से दूरी बनाए रखते थे। एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी अपेक्षित विकास नहीं हो पाया था। लेकिन बीते 9 वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से किए गए निवेश और नीतिगत सुधारों ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।

औद्योगिक विकास और निवेश में उछाल

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का सीधा असर औद्योगिक विकास पर देखने को मिला है। बुंदेलखंड क्षेत्र में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण BIDA के माध्यम से 47 वर्षों बाद एक नए औद्योगिक शहर की नींव रखी गई है। यह परियोजना हजारों एकड़ में फैली है और बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित कर रही है। नतीजतन, ‘एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024’ में यूपी सातवें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि लैंडलॉक्ड राज्यों में यह पहले स्थान पर है।

मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से मिली रफ्तार

राज्य ने सड़क के साथ-साथ जल और वायु मार्गों पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। Varanasi में देश का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्थापित किया गया है, जिससे जलमार्ग के जरिए व्यापार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा कई शहरों में फ्रेट विलेज विकसित किए जा रहे हैं। एविएशन सेक्टर में भी तेजी आई है और वर्तमान में 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों सहित कुल 16 एयरपोर्ट संचालित हैं। यह व्यापक कनेक्टिविटी निवेशकों के लिए यूपी को और आकर्षक बनाती है।

तेज रफ्तार से हो रहा सड़क निर्माण

उत्तर प्रदेश में सड़क निर्माण की गति भी उल्लेखनीय रही है। औसतन 19 किलोमीटर प्रतिदिन की दर से सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच दूरी कम हुई है, बल्कि व्यापार और परिवहन में भी तेजी आई है। बेहतर सड़क नेटवर्क ने लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है।

एयर कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक विस्तार

एविएशन सेक्टर में यूपी ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। राज्य जल्द ही 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। Noida International Airport (जेवर) के शुरू होते ही यह उपलब्धि हासिल हो जाएगी। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेश, पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाई मिलेगी। एयर कनेक्टिविटी के इस विस्तार से प्रदेश वैश्विक स्तर पर और मजबूत स्थिति में पहुंचेगा।

भविष्य का लक्ष्य: देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब

उत्तर प्रदेश का अगला लक्ष्य देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब बनना है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से आने वाले समय में लॉजिस्टिक्स लागत और कम होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

इन सभी विकास परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ रोजगार और निवेश के रूप में सामने आ रहा है। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और एयरपोर्ट के आसपास नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, छोटे और मध्यम उद्योगों को भी विस्तार का मौका मिल रहा है, जो प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति में योगदान दे रहे हैं।

आर्थिक इंजन बनने की ओर बढ़ता यूपी

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में जो विकास किया है, वह उसे देश की आर्थिक प्रगति का मजबूत इंजन बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहा है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी नीतियां और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यूपी अब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेश और विकास का नया केंद्र बन चुका है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव और तेज होगा, जिससे उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित होगा।

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