उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने अभियान की शुरुआत कर दी है, वहीं समाजवादी पार्टी 29 मार्च को पश्चिमी यूपी से चुनावी बिगुल फूंकेगी। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नोएडा के दादरी क्षेत्र में रैली कर कार्यकर्ताओं को संदेश देंगे। माना जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सपा अपने चुनावी अभियान को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन के मंच से भी दिखी चुनावी रणनीति की झलक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भले ही सरकारी कार्यक्रम रहा हो, लेकिन इसके मंच से राजनीतिक संदेश भी दिए गए। बीजेपी नेताओं ने विकास कार्यों को अपनी बड़ी उपलब्धि बताते हुए विपक्षी दलों की पुरानी सरकारों पर निशाना साधा। इससे साफ संकेत मिला कि आने वाले समय में विकास बनाम पुराने कार्यकाल का मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र रह सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2002 से 2017 तक की सरकारों को लेकर विपक्षी दलों पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश विकास की रफ्तार में पीछे था, लेकिन पिछले वर्षों में बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में तेजी आई है। उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल को अहम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी बिना नाम लिए विपक्ष पर कसा तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले कुछ नेता अंधविश्वास के कारण नोएडा आने से बचते थे। उन्होंने कहा कि अब वही क्षेत्र वैश्विक निवेश और विकास का केंद्र बन रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान सरकार ने बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी है।
पश्चिमी यूपी में PDA और विकास मॉडल के बीच होगी सियासी टक्कर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी विकास कार्यों को मुद्दा बनाएगी, जबकि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण के जरिए चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और जनसभाओं का दौर तेज होने की संभावना है।





