उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में निवेश लाने के लिए सिंगापुर दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य में अलग-अलग इंडस्ट्रियल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए सिंगापुर की कंपनियों से 19,877 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल मिले हैं।
राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि इन प्रपोज़्ड प्रोजेक्ट्स से 20,000 से ज़्यादा नौकरियां पैदा होने और राज्य के इंडस्ट्रियल और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री 23 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिन के दौरे पर हैं। वह दोनों देशों में दो-दो दिन बिताएंगे।
पहले दिन ही मिले करोड़ों के प्रपोजल
सिंगापुर में पहले दिन 19,877 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट प्रपोज़ल पर सहमति बनी, जिन्हें राज्य की इकॉनमी को मज़बूत करने और रोज़गार के अवसर बढाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सभी इन्वेस्टर्स को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार एक ट्रांसपेरेंट पॉलिसी फ्रेमवर्क, तुरंत मंज़ूरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोमवार को साइन किए गए एग्रीमेंट्स में,
1–यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप की तरफ से 6,650 करोड़ रुपये का प्रपोज़ल आया, जिसमें ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्टमेंट करने का वादा किया गया।
2- गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC) ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट कैपेसिटी का डेटा सेंटर बनाने के लिए 8,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट की घोषाणा की है । इस प्रोजेक्ट से उत्तरप्ररदेश में एक लीडिग डेटा हब तैयार होगा।
3-प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (PIDG) ने रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और एग्री-सोलर (एग्री-PV) प्रोजेक्ट्स में 2,500 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट के लिए एक एग्रीमेंट साइन किया।
4-AVPN लिमिटेड ने भी रिन्यूएबल एनर्जी और एग्री-PV सेक्टर्स में 2,727 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने का वादा किया। इन कोशिशों से उत्तर प्रदेश के ग्रीन एनर्जी गोल्स को मज़बूती मिलेगी।
5-स्किल डेवलपमेंट पर खास ध्यान देते हुए, टेक्निकल और वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग (TVET) को मजबूत करने के लिए ITE एजुकेशन सर्विसेज़ (ITEES) के साथ एक कोऑपरेशन एग्रीमेंट साइन किया गया।
उत्तरप्रदेश सरकार के अधिकारियों के मुताबिक इस पार्टनरशिप के तहत, ITEES एकेडमिक डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन, लीडरशिप और कैपेसिटी बिल्डिंग, ISQ सर्टिफिकेशन और क्वालिटी एश्योरेंस जैसे एरिया में कंसल्टेंसी और टेक्निकल कोऑपरेशन देगा।
इसका उद्देश्य ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से उत्तर प्रदेश के स्किल इकोसिस्टम को तैयार करना है।
भारत का मेन्युपैकिटरिंग हब बने उत्तरप्रदेश
दौरे के जरिए मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को “भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब” बनाएंगे और खास सेक्टर में इन्वेस्टमेंट लाएंगे।
वह डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे और एग्रीबिजनेस और ऑटोमोबाइल सेक्टर में इन्वेस्टमेंट की संभावना तलाशेंगे, साथ ही गूगल, तोशिबा और सुजुकी मोटर्स के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग भी तय हैं।
सिंगापुर ट्रिप खत्म करने के बाद, वह 25 और 26 फरवरी को जापान में रहेंगे।
चार दिन के टूर के दौरान, आदित्यनाथ 33 ग्लोबल कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव से मिलेंगे — 25 सिंगापुर में और आठ जापान में — जिससे इन्वेस्टमेंट के मौके, टेक्नोलॉजिकल कोलेबोरेशन और इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप पर बात की जा सके।