उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मिशन एनकाउंटर’ नीति और बागपत में पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत करता है। इसे एक खबर या रिपोर्ट के रूप में अगर और व्यवस्थित रूप देना हो, तो इस तरह पेश किया जा सकता है।
बागपत में 120 अपराधियों ने छोड़ा अपराध
पुलिस के ‘मिशन एनकाउंटर’ से डरे अपराधी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और ‘मिशन एनकाउंटर’ अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। बागपत जिले में पुलिस की सख्ती के चलते 120 शातिर अपराधियों ने अपराध से तौबा कर कानून का पालन करने की शपथ ली है।
एसपी सूरज कुमार राय के निर्देश पर जिले के रमाला, बड़ौत, बालैनी और सिंघावली थानों में इन अपराधियों को बुलाया गया और उन्हें आगे से कोई गैरकानूनी गतिविधि न करने की शपथ दिलाई गई। इनमें लूट, हत्या, गोकशी और चोरी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहे अपराधी शामिल थे। इनका पुलिस द्वारा सत्यापन भी किया गया।
बागपत एसपी राय ने कहा हम इन अपराधियों को सुधार का मौका दे रहे हैं, लेकिन यदि भविष्य में ये दोबारा किसी अपराध में लिप्त पाए जाते हैं, तो कठोर कार्रवाई तय है। बागपत पुलिस की यह पहल राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें अपराधियों को या तो सुधरने का अवसर दिया जाता है या मुठभेड़ों के जरिए सख्ती से निपटा जाता है।
मिशन एनकाउंटर’ का राज्यव्यापी प्रभाव
उत्तर प्रदेश में साल 2017 से 2024 तक करीब 12 हजार 964 पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई हैं। जिनमें यूपी की पुलिस ने करीब 207 अपराधियों को मार गिराया गया है। जबकि हजारों बदमाश आत्मसमर्पण कर चुके हैं या प्रदेश छोड़ कर चले गए हैं। इस रणनीति को राज्य सरकार अपराध नियंत्रण की प्रभावी नीति मानती है। बागपत में एसपी सूरज कुमार राय की यह पहल अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपराधियों के सामाजिक पुनर्वास की दिशा में भी एक बड़ी पहल मानी जा रही है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





