UP BJP President Election: यूपी बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव, नामांकन आज—कल मिलेगा नया अध्यक्ष
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों सर्द पछुआ हवा के बीच तेज़ी से गर्म हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। लंबे समय से कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच जिस नाम की प्रतीक्षा थी, वह घड़ी आ गई है। पार्टी संगठन ने अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीखें और वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इसी क्रम में आज 13 दिसंबर को लखनऊ स्थित बीजेपी मुख्यालय में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नामांकन प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके बाद 14 दिसंबर को यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और पार्टी अब नए चेहरे के साथ अपने संगठनात्मक ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
महिलाओं में साध्वी निरंजन ज्योति सबसे आगे
प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में कई नामों की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा सुर्खियां साध्वी निरंजन ज्योति बटोर रही हैं। वे केंद्र सरकार में मंत्री रह चुकी हैं और निषाद समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक, सभी से उनके संबंध अच्छे हैं। पार्टी संगठन के भीतर यह भी माना जा रहा है कि निषाद समाज से अध्यक्ष चुनकर बीजेपी सामाजिक समीकरणों को और मजबूती दे सकती है। यही वजह है कि उनका नाम लगातार तेजी से उभर रहा है।
महिला अध्यक्ष की संभावनाएं पहली बार इतनी प्रबल
प्रदेश अध्यक्ष के लिए महिला चेहरों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रियंका रावत और रेखा वर्मा जैसे नाम भी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अगर बीजेपी इस बार महिला चेहरे पर भरोसा जताती है, तो यह यूपी बीजेपी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी महिला को प्रदेश संगठन की बागडोर मिलेगी।
साध्वी निरंजन ज्योति की दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद से उनके नाम की चर्चा और भी तेज हो गई है।
बीएल वर्मा भी दावेदारों में शामिल
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा का नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में है। वे पार्टी के बड़े पिछड़ा वर्ग (OBC) नेता माने जाते हैं। केंद्र में गृह मंत्रालय में अमित शाह के साथ काम करने का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए उनका नाम भी चयन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
7 बार के सांसद पंकज चौधरी भी रेस में अग्रणी
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी भी अध्यक्ष पद की रेस के दिग्गज उम्मीदवार हैं। वह पूर्वांचल के बड़े कुर्मी नेता माने जाते हैं और महराजगंज से 7 बार सांसद रह चुके हैं। राजनीतिक अनुभव और संगठन में पकड़ को देखते हुए माना जा रहा है कि उनका नाम भी शीर्ष नेतृत्व की प्राथमिक सूची में शामिल है।
464 वोटर करेंगे चुनाव, वोटर लिस्ट जारी
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चुनने के लिए जारी की गई वोटर लिस्ट में कुल 464 सदस्य शामिल हैं। इनमें शामिल हैं—
26 विधानसभा सदस्य
5 लोकसभा सांसद
8 विधान परिषद सदस्य
425 प्रांतीय परिषद सदस्य और जिलाध्यक्ष
यह सभी सदस्य 14 दिसंबर को नए अध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
वोटर सूची में शामिल प्रमुख सांसदों में महेश शर्मा, सत्यपाल सिंह बघेल, देवेंद्र सिंह भोले, कमलेश पासवान और विनोद बिंद शामिल हैं।
आज शाम वरिष्ठ नेताओं की रणनीतिक बैठक
नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर आज शाम लखनऊ स्थित बीजेपी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई गई है। रणनीति और नामांकन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नामांकन आज, घोषणा कल
आज 13 दिसंबर को नामांकन सीनियर नेता विनोद तावड़े की मौजूदगी में होगा। इस दौरान राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी मौजूद रहेंगे। अगले दिन 14 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान करेंगे। इसी दिन सभी सांसदों और विधायकों को लखनऊ में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या पंकज चौधरी बनाए जाएंगे अध्यक्ष?
पार्टी के भीतर और बाहर सबसे बड़ा सवाल यही है कि यूपी बीजेपी की कमान किसे मिलेगी। पंकज चौधरी, साध्वी निरंजन ज्योति, बीएल वर्मा और प्रियंका रावत जैसे नामों में से किसे चुना जाता है, यह कल साफ हो जाएगा। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बीजेपी का फोकस एक ऐसे चेहरे पर होगा जो 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में संगठन को मजबूती से खड़ा कर सके।
उत्तर प्रदेश की सियासत के लिए 14 दिसंबर बेहद अहम दिन होगा। अगले प्रदेश अध्यक्ष न केवल बीजेपी के प्रदेश संगठन का नेतृत्व संभालेंगे, बल्कि आने वाले प्रमुख चुनावों के लिए रणनीति भी तय करेंगे। भाजपा अपने सबसे बड़े राजनीतिक गढ़ को मजबूत करने के लिए एक ऐसा नेता चुनना चाहती है जो संगठन, सरकार और समाज के बीच बेहतर तालमेल बैठा सके। अब सबकी निगाहें कल होने वाले ऐलान पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि यूपी बीजेपी की कमान किसके हाथ में जाएगी।