सिंधिया ने की जनसुनवाई…अधिकारियों ने कूड़ेदान में फेंके लोगों के आवेदन…पांच पर गिरी गाज

Union Minister Jyotiraditya Scindia parliamentary constituency Shivpuri Pichor public hearing camp

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले दिनों अपने संसदीय क्षेत्र शिवपुरी जिले में पहुंचे थे। जहां पिछोर में उन्होंने ‘जन सुनवाई’ शिविर आयोजित किया था। सिंधिया ने इस दौरान को क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याओं को सुना। वहीं जन सुनवाई शिविर के बाद कई लोगों के आवेदनों को कूड़ेदान में फेंके जाने का खुलासा हुआ है। अब इस मामले में जिम्मेदार पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यालय की ओर भी इस पूरे मामले को लेकर स्पष्टीकरण दिया है।

बता दें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र गुना शिवपुरी पहुंचे थे। जहां उन्होंने ने पिछोर में ‘जन सुनवाई’ शिविर का आयोजन किया। इस दौरान सिंधिया ने कई लोगों अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे सिंधिया ने उनकी समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को उनके आवेदनों की लिस्ट बनाने के निर्देश दिए। लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि उनके जाते ही अधिकारी वहां पहुंचने वाले लोगों के आवेदन कूडेदान में डाल देंगे, और ऐसा हुआ भी। उनके जाते ही कुछ आवेदनों को अधिकारियों ने कूड़ेदान में फेंक दिये। इसकी खबर आने पर जिला प्रशासन ने इस मामले में पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

शिवपुरी जिले के पिछोर में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से ‘जन सुनवाई’ शिविर के आयोजन के बाद सामने आए इस मामले पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यालय की ओर से कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया गया। ऐसे में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं एक अधिकारी की ओर से कहा गया कि इस लापरवाही के लिए प्रशासन ने तीन पटवारी के साथ दो लिपिक कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सिंधिया कार्यालय की ओर से दिये गये स्पष्टीकरण में बताया गया कि पिछोर में शनिवार को आयोजित जनसुनवाई शिविर के दौरान लापरवाही सामने आई थी। इसके चलते कुछ आवेदनों को कूड़ेदान में फेंके जाने की सूचना मिली थी। ऐसे में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया की ओर से अब अधिकारियों को साफशब्दों में निर्देश दिया है कि जो आवेदन उन तक नहीं पहुंचाए गए हैं। उन्हें भी सूचीबद्ध कर तत्काल निराकरण किया जाए।

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