बजट 2026: सत्तापक्ष ने की बजट की तारीफ…विपक्ष ने बताया निराशजनक बजट…जानें किस नेता ने क्या कहा

Opposition and ruling parties react to the budget

बजट 2026: सरकार की तारीफ, विपक्ष का विरोध

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां भाजपा नेताओं ने इसे गुड गवर्नेंस और विकसित भारत की मजबूत नींव बताया है, वहीं विपक्ष ने बजट को आम आदमी से दूर करार दिया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश किया जाना सरकार की स्थिरता और कुशल प्रशासन को दर्शाता है। उनके मुताबिक, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास दर 7 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, जो मजबूत जीडीपी और नियंत्रित महंगाई का संकेत है। यह बजट जनता और सरकार के बीच भरोसे को और मजबूत करता है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि इसमें अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर का ध्यान रखा गया है। खास तौर पर टेलीकॉम, DoNER और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए संस्थानों और जलमार्गों में किए गए निवेश को उन्होंने भविष्य के लिए अहम बताया। उनके अनुसार, यह बजट भारत को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

विपक्ष की आलोचना पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार करते हुए कहा कि आलोचना करने वालों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बजट में आखिर गलत क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष MSME की तरक्की, उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, किसानों के उज्ज्वल भविष्य और तकनीकी विकास का विरोध करता है। उनके अनुसार, बिना ठोस तर्क के बजट पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट 2047 के आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव रखता है। इसमें सुधारों पर जोर दिया गया है और गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं—सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, आयुष, महिलाओं के लिए छात्रावास, युवाओं के लिए अवसर और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं। उनके मुताबिक, यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सहायक साबित होगा।

विपक्ष का विरोध

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट भाषण में विस्तार की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट में कुछ हेडलाइंस तो सामने आईं, लेकिन कई अहम मुद्दों पर स्पष्टता नहीं दिखी। विशेष रूप से केरल के संदर्भ में आयुर्वेद, शिप रिपेयर और अन्य परियोजनाओं का जिक्र न होना उन्हें हैरान करने वाला लगा। उनके अनुसार, पूरी तस्वीर बजट दस्तावेज देखने के बाद ही साफ होगी। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को गरीब, किसान और ग्रामीण जनता से जुड़ा न मानते हुए कहा कि यह आम लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में रोजगार और रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान नहीं है और यह केवल सपने दिखाने वाला बजट है। कुल मिलाकर, बजट 2026 को लेकर देश की राजनीति दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है—एक तरफ सरकार इसे विकास और भरोसे का बजट बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे आम जनता से दूर और अपर्याप्त करार दे रहा है।

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