लंबी अवधि के निवेश में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होता कि किस विकल्प ने कितना रिटर्न दिया। निवेश चुनते समय रिटर्न, चार्ज, टैक्स, पैसे की उपलब्धता और जोखिम जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। इसी वजह से ULIP और Mutual Fund के बीच तुलना अक्सर की जाती है। दोनों में निवेश का उद्देश्य पैसा बढ़ाना हो सकता है, लेकिन इनकी संरचना अलग है। ULIP में निवेश के साथ जीवन बीमा का लाभ भी जुड़ा रहता है, जबकि Mutual Fund मुख्य रूप से निवेश और संपत्ति बनाने का साधन है। इसे एक उदाहरण से समझें। यदि 30 साल की उम्र में कोई व्यक्ति हर महीने ₹5,000 लगाना शुरू करता है और 20 साल तक लगातार निवेश करता है, तो कुल ₹12 लाख का निवेश होगा। हालांकि अंतिम फंड कितना बनेगा, यह चुने गए उत्पाद, बाजार प्रदर्शन, शुल्क और अन्य शर्तों पर निर्भर करेगा।
ULIP में निवेश के साथ जीवन बीमा का लाभ भी जुड़ा होता है
ULIP यानी Unit Linked Insurance Plan ऐसा वित्तीय उत्पाद है जिसमें निवेश और जीवन बीमा दोनों शामिल होते हैं। निवेशक की रकम का एक हिस्सा बीमा कवर से जुड़ी लागत में जाता है, जबकि बाकी रकम इक्विटी या डेट फंड में लगाई जा सकती है। इस तरह ULIP उन लोगों के लिए बनाया गया है जो एक ही पॉलिसी के माध्यम से निवेश और बीमा दोनों सुविधाएं चाहते हैं। हालांकि इसमें पॉलिसी से जुड़े अलग-अलग शुल्क हो सकते हैं, इसलिए निवेश से पहले सभी चार्ज और नियमों को समझना जरूरी है।
Mutual Fund में पूरा फोकस बाजार से जुड़े निवेश और धन बनाने पर रहता है
Mutual Fund की संरचना ULIP से अलग होती है। इसमें निवेश की रकम संबंधित फंड के माध्यम से बाजार में लगाई जाती है और इसका उद्देश्य लंबे समय में संपत्ति तैयार करना होता है। इसमें जीवन बीमा शामिल नहीं होता। अगर निवेशक को बीमा सुरक्षा भी चाहिए, तो वह अलग से टर्म इंश्योरेंस ले सकता है। इसी वजह से निवेश और बीमा को अलग रखने की रणनीति भी कई निवेशकों के लिए विचार करने योग्य होती है।
₹5,000 महीने के निवेश में 20 साल बाद कितना पैसा बन सकता है?
मान लीजिए 30 साल की उम्र में निवेशक हर महीने ₹5,000 जमा करता है और यह निवेश लगातार 20 साल तक जारी रखता है। इस अवधि में उसकी कुल जेब से गई रकम ₹12 लाख होगी। लेकिन ₹12 लाख का अंतिम फंड तय नहीं है। बाजार से मिलने वाला रिटर्न, फंड का प्रदर्शन, निवेश से जुड़े खर्च और उत्पाद की शर्तें अंतिम रकम को प्रभावित करेंगी। इसलिए केवल निवेश की राशि देखकर दोनों विकल्पों के अंतिम परिणाम की तुलना करना सही नहीं होगा।
ULIP और Mutual Fund में फैसला लेते समय किन बातों पर ध्यान दें?
अगर किसी व्यक्ति को निवेश के साथ जीवन बीमा भी चाहिए और वह लंबी अवधि तक पैसा बनाए रखने के लिए तैयार है, तो ULIP पर विचार किया जा सकता है। इसमें 5 साल का लॉक-इन होता है और बीच में पैसे की जरूरत पड़ने पर सीमाएं सामने आ सकती हैं। दूसरी तरफ, जिनका मुख्य लक्ष्य लंबी अवधि में संपत्ति बनाना है और जो बीमा अलग से लेना चाहते हैं, वे Mutual Fund की संरचना पर विचार कर सकते हैं। यहां भी जोखिम और निवेश अवधि को समझना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसमें किसी ULIP, Mutual Fund या अन्य निवेश उत्पाद को खरीदने अथवा न खरीदने की सलाह नहीं दी गई है। निवेश से पहले संबंधित उत्पाद के शुल्क, जोखिम, लॉक-इन और नियमों को ध्यान से समझें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें।





