अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने को लेकर फिर से कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत-अमेरिका का व्यापार “एकतरफा” रहा है और अब समय आ गया है कि यह संतुलित हो। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियों को भारत में उच्च शुल्क के कारण उत्पादन स्थानांतरित करना पड़ा, जबकि भारत अमेरिकी बाजार में बड़े पैमाने पर सामान बेचता रहा।
हार्ले-डेविडसन का उदाहरण
ट्रंप ने भारत की टैरिफ नीति पर हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि पहले भारत ने इन बाइक्स पर 200% ड्यूटी लगाई थी, जिससे अमेरिकी कंपनी भारतीय बाजार में बेचने में असमर्थ रही। मजबूरी में हार्ले-डेविडसन को भारत में उत्पादन शुरू करना पड़ा। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका के साथ भी समान नीति लागू होनी चाहिए।
भारत पर दुनिया के सबसे ऊंचे टैरिफ का आरोप
ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल से पहले भारत ने अमेरिका पर दुनिया के सबसे ऊंचे टैरिफ लगाए। इसके कारण अमेरिकी उत्पाद भारत में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके, जबकि भारत अमेरिकी बाजार का फायदा उठा रहा था। उन्होंने चेताया कि अब “एकतरफा व्यापार” का दौर खत्म होना चाहिए और अमेरिका कड़ा रुख अपनाएगा।
व्यापार वार्ता और भविष्य की रणनीति
अप्रैल में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता शुरू हुई थी, लेकिन हाल ही में बातचीत ठप हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत हार्ले-डेविडसन के कुछ मॉडल पर जीरो इंपोर्ट ड्यूटी देने पर विचार कर रहा था, लेकिन अब निर्णय रुका हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका के दबाव के बाद भारत ने अपनी नीति में बदलाव किया और चीन व रूस के साथ आर्थिक रिश्तों को मजबूत करना शुरू किया।
अमेरिका का सख्त रुख
ट्रंप का मानना है कि भारत ने दशकों तक अमेरिकी बाजार का फायदा उठाया और अब परिस्थितियों में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब सख्त नीतियों के साथ प्रतिक्रिया देगा, ताकि व्यापार संतुलित और पारदर्शी हो।