अमेरिका-रूस में टकराव की आहट! ट्रम्प ने तैनात की न्यूक्लियर पनडुब्बियां, मेदवेदेव की धमकी पर तीखा जवाब

अमेरिका-रूस में टकराव की आहट! ट्रम्प ने तैनात की न्यूक्लियर पनडुब्बियां, मेदवेदेव की धमकी पर तीखा जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की परमाणु हमले की धमकी पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए रूस के नजदीक दो एटमी पनडुब्बियां तैनात करने का आदेश दिया है। ट्रम्प ने यह कदम मेदवेदेव की ‘डेड हैंड’ चेतावनी के जवाब में उठाया है, जो रूस के ऑटोमैटिक परमाणु हमले के सिस्टम से जुड़ी है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हर खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मेदवेदेव बोले- हम इजराइल नहीं, डेड हैंड है हमारे पास
रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा था कि रूस कोई ईरान या इजराइल नहीं है, और ट्रम्प का हर अल्टीमेटम युद्ध की धमकी माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रूस के पास अभी भी डेड हैंड नामक ऑटोमैटिक परमाणु हमला प्रणाली है, जो किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका को तबाह कर सकती है। उनके इसी बयान के बाद अमेरिका की तरफ से रणनीतिक मूवमेंट तेज़ हो गया।

ट्रम्प बोले- “शब्दों से युद्ध शुरू हो सकते हैं”
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मेदवेदेव की भाषा पर नाराजगी जताते हुए लिखा- “शब्द कई बार युद्ध का कारण बन सकते हैं। मेरी उम्मीद है कि यह मामला सिर्फ जुबानी लड़ाई तक सीमित रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि मेदवेदेव की उकसाने वाली बयानबाजी ही इस सैन्य तैनाती की वजह है। हालांकि उन्होंने पनडुब्बियों की लोकेशन सार्वजनिक नहीं की।

डेड इकोनॉमी vs डेड हैंड: जुबानी जंग तेज़
कुछ दिन पहले ट्रम्प ने भारत और रूस को “डेड इकोनॉमी” कहा था। इसके जवाब में मेदवेदेव ने डेड हैंड की याद दिलाई और कहा कि अमेरिका का राष्ट्रपति रूस के कुछ शब्दों से डर गया है। इस जंग में अब जुबानी हमले और रणनीतिक चालें दोनों शामिल हो चुकी हैं। रूस का दावा है कि वह किसी भी हालात के लिए तैयार है और अपने रास्ते से नहीं हटेगा।

निष्कर्ष: क्या टकराव की तरफ बढ़ रहा है अमेरिका-रूस?
ट्रम्प और मेदवेदेव के बीच तीखी बयानबाज़ी और न्यूक्लियर पनडुब्बियों की तैनाती से हालात गंभीर हो चले हैं। रूस और अमेरिका के बीच तनाव का स्तर शीत युद्ध की याद दिला रहा है। दोनों देशों के बीच अगर यह जुबानी जंग असली जंग में बदलती है, तो उसके असर पूरी दुनिया पर होंगे।

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