नहीं थमा ट्रंप का डींग हांकना …मैंने नरेंद्र मोदी से कहा था…, भारतीय प्रधानमंत्री का नाम लेकर ट्रंप ने किया बड़ा दावा

Trump made a big claim by taking the name of Indian Prime Minister Narendra Modi

नहीं थमा ट्रंप का डींग हांकना …मैंने नरेंद्र मोदी से कहा था…, भारतीय प्रधानमंत्री का नाम लेकर ट्रंप ने किया बड़ा दावा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न केवल दुनिया भर में सात युद्ध रोके, बल्कि उनमें से एक संभावित भारत-पाकिस्तान युद्ध भी था। ट्रंप ने कहा कि उस समय उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर 5 घंटे में दोनों मुल्कों के बीच युद्ध की स्थिति को रोक दिया था।

ट्रंप का बड़ा दावा: “मोदी से बात की और युद्ध रुकवाया”

वॉशिंगटन में मीडिया से चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा वे एक शानदार व्यक्ति नरेंद्र मोदी से बात कर रहे थे। उन्होंने पूछा कि आपके और पाकिस्तान के बीच क्या चल रहा है। उस वक्त बहुत गुस्सा और नफरत का माहौल था। ये सब हजारों सालों से चलता आया है।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने मोदी से कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका भारत के खिलाफ भारी-भरकम टैरिफ लगाएगा। उन्होंने आगे कहा “मैंने कहा कि हम आपके साथ कोई डील नहीं करेंगे। अगर हालात नहीं सुधरे तो हम आपके ऊपर इतने भारी शुल्क लगा देंगे कि आपका सिर चकरा जाएगा।” ट्रंप ने कहा कि इसके बाद उन्होंने मोदी से लंबी बातचीत की और महज 5 घंटे के भीतर युद्ध की स्थिति टल गई।

“परमाणु युद्ध तक पहुंच सकता था टकराव”
ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच का टकराव उस समय इतना खतरनाक था कि वह परमाणु युद्ध में भी बदल सकता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी मध्यस्थता और कड़े रवैये के कारण हालात काबू में आए। “मैंने कहा कि अगर आप लोग परमाणु युद्ध करने जा रहे हैं तो ठीक है, लेकिन इसके नतीजे आपको भुगतने होंगे। मैंने टैरिफ और व्यापार के जरिए यह संकट रोका।” – ट्रंप

भारत की अलग व्याख्या

हालांकि भारत की ओर से इस तरह के दावों को पहले भी नकारा जा चुका है। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ यानी Director General of Military Operations की अपील के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय लिया गया था। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर ट्रंप की सीधी मध्यस्थता के कारण युद्ध टला, ऐसा कहना सही नहीं है।

सात युद्ध रोकने का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल में कुल सात युद्ध रोकने में सफलता पाई।
उनके मुताबिक चार युद्ध उन्होंने शुल्क और व्यापारिक दबाव डालकर रोके। बाकियों को रोकने में सीधी बातचीत और धमकी का सहारा लिया। “मैंने कहा कि अगर आप लड़ना और सबको मारना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन मैं 100% टैरिफ लगा दूंगा। नतीजा यह हुआ कि सभी पीछे हट गए।” – ट्रंप

पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर अपनी भूमिका का दावा किया हो। अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने कई बार कहा था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, भारत ने हमेशा इन दावों को खारिज किया और कहा कि भारत-पाकिस्तान के मसले द्विपक्षीय हैं और इनमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप के ये बयान 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को ध्यान में रखकर दिए जाते हैं, ताकि वे अपनी विदेश नीति को मजबूत और निर्णायक दिखा सकें। उनका उद्देश्य यह बताना होता है कि उनके कार्यकाल में दुनिया में शांति और स्थिरता रही। डोनाल्ड ट्रंप का दावा चाहे जितना बड़ा क्यों न हो, लेकिन भारत की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट है कि पाकिस्तान से जुड़ी हर समस्या द्विपक्षीय स्तर पर सुलझाई जाएगी और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की गुंजाइश नहीं है। फिर भी ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत-पाक तनाव और अमेरिकी राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है। प्रकाश ​कुमार पांडेय

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