देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। 24 जुलाई 2025 को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात समेत कई राज्यों में भारी बारिश, तूफान और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कहीं सड़कों पर जलभराव है, तो कहीं भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और मौसम की मार ने राहत की जगह मुश्किलें बढ़ा दी हैं
- 24 जुलाई को अधिकांश हिस्सों में मानसून का प्रकोप
- पहाड़ों से लेकर मैदानों तक प्रभावित
- राहत कार्यों में जुटे सरकार और प्रशासन
- आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत
दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट, उमस और बारिश ने किया बेहाल
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से राजधानी में जगह-जगह जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में येलो अलर्ट जारी किया है। इस अवधि में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बढ़ती उमस ने भी लोगों को परेशान कर रखा है।
पंजाब और हरियाणा में आसमानी आफत का कहर
पंजाब और हरियाणा में लगातार हो रही बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, बटाला, पठानकोट, अबोहर और होशियारपुर में IMD ने भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और जलभराव की घटनाएं भी सामने आई हैं।
हरियाणा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और अंबाला जैसे जिलों में अगले 48 घंटों में आंधी-तूफान के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। स्कूलों को ऐहतियातन बंद कर दिया गया है और प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट: मूसलधार बारिश और तूफान की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी जैसे जिलों में मूसलधार बारिश का खतरा है, जबकि बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी जैसे इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा के आसार हैं।
तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। फसलों को नुकसान होने की खबरें आ रही हैं। बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 12 लोगों की मौत और दर्जनों घायल होने की जानकारी सामने आई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पहाड़ी सड़कों पर मलबा गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में कई जगहों पर भूस्खलन के कारण यात्रियों को रोक दिया गया है। चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है, खासतौर पर केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले मार्गों पर यात्रा अस्थाई रूप से स्थगित कर दी गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
कर्नाटक और गुजरात में भी तेज बारिश का अलर्ट
तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मैंगलोर, उडुपी और कारवार जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है। वहीं, पश्चिमी घाटों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
पंजाब और हरियाणा में आसमानी आफत का कहर
पंजाब और हरियाणा में लगातार हो रही बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, बटाला, पठानकोट, अबोहर और होशियारपुर में IMD ने भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और जलभराव की घटनाएं भी सामने आई हैं।
हरियाणा में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और अंबाला जैसे जिलों में अगले 48 घंटों में आंधी-तूफान के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। स्कूलों को ऐहतियातन बंद कर दिया गया है और प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
गुजरात में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। खासकर सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। अहमदाबाद, राजकोट, भावनगर, जूनागढ़ और सुरेंद्रनगर जिलों में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
बिजली गिरने और बाढ़ से जान-माल का नुकसान
तेज बारिश और तूफान के कारण अब तक देशभर में बिजली गिरने से करीब 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले उत्तर प्रदेश और बिहार से ही दो दर्जन से अधिक मौतों की पुष्टि हो चुकी है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
आईएमडी की सलाह और सरकार की तैयारी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलें, पुराने या कमजोर भवनों में शरण न लें, बिजली गिरने के दौरान पेड़ों या खुले मैदानों में खड़े न रहें। राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट कर दिया है। स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है और राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं। प्रकाश कुमार पांडेय