मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस आज…कई बड़े आयोजन होंगे…दो हजार ड्रोन दिखाएंगे एमपी की गौरवगाथा….सिंगर जुबिन नौटियाल अपने गीतों की देंगे प्रस्तुति

Today is Madhya Pradesh foundation day drone show Singer Jubin Nautiyal will perform his songs

मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस आज—-दो हजार ड्रोन दिखाएंगे एमपी की गौरवगाथा….सिंगर जुबिन नौटियाल अपने गीतों की देंगे प्रस्तुति

भोपाल के लाल परेड मैदान पर राज्य स्तरीय आयोजन…बॉलीवुड के नामी कलाकार देंगे प्रस्तुति..

मध्य प्रदेश का आज 1 नवंबर को स्थापना दिवस है। प्रदेश की जनता और सरकार दोनों स्थापना दिवस पर खुशियां मनाते नजर आ रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा। बता दें 1 नवंबर 2025 को एमपी का 70वां स्थापना दिवस है। इस खास आयोजन में कई सरकारी विभाग भी शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल एक ऐतिहासिक अवसर है, बल्कि प्रदेश के गौरव, समर्पण और विकास की 70 वर्षीय यात्रा का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने इन सात दशकों में जनभागीदारी, मेहनत और लोकतांत्रिक मूल्यों की बदौलत विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। डॉ. यादव ने कहा कि 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया मध्यप्रदेश देश के हृदय में स्थित है और अब यह भारत के विकास मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान के साथ अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा, “यह यात्रा केवल वर्षों की गिनती नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के संघर्ष, त्याग, विश्वास और आत्मनिर्भरता के प्रयासों की कहानी है। यह दिन हमें उन पूर्वजों के योगदान की याद दिलाता है जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश के विकास की नींव रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का मध्यप्रदेश उस दौर से बहुत आगे निकल चुका है जब इसे “बीमारू राज्य” कहा जाता था। अब यह राज्य कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अग्रणी है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश अब “भारत का फूड बास्केट” बन चुका है। अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। सिंचाई क्षमता का लगातार विस्तार, कृषि में आधुनिक तकनीक का उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती दी है।

महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि “देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन” और “लाड़ली लक्ष्मी योजना” जैसी योजनाएं मध्यप्रदेश की पहचान बन चुकी हैं। इन योजनाओं ने समाज में बेटियों के प्रति दृष्टिकोण बदला है और लाखों परिवारों में नई उम्मीद जगाई है। इसी तरह युवाओं के लिए “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” और “स्टार्टअप मध्यप्रदेश” जैसे कार्यक्रम न केवल रोजगार सृजन में मददगार हैं, बल्कि नवाचार की भावना को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सुशासन और नवाचार शासन व्यवस्था की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं। जनसेवा अब जनता के द्वार तक पहुंच चुकी है। डिजिटल सेवाओं, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत @ 2047” के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट शहरों के निर्माण, हरित ऊर्जा के प्रसार, जल संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास में निरंतर प्रगति हो रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि यह मंत्र मध्यप्रदेश की नीति और नीयत का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से भी देश के हृदय की तरह धड़क रहा है। प्रदेश की दिशा और लक्ष्य स्पष्ट हैं — विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे, हर हाथ को काम मिले, हर घर में खुशहाली आए और हर हृदय में मध्यप्रदेशवासी होने का गर्व जागे।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की पहचान आज विकास, आत्मनिर्भरता और सुशासन के मॉडल के रूप में हो रही है। उद्योग और निवेश के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रहा है। सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश का लक्ष्य है कि हर गांव और शहर में समान विकास हो, हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो और प्रदेश “विकसित भारत” के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि आत्ममंथन और नई दिशा तय करने का अवसर है। यह वह दिन है जब हम अतीत की उपलब्धियों को याद करते हुए भविष्य के स्वर्णिम लक्ष्य निर्धारित करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर “विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त मध्यप्रदेश” के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर यदि अपने प्रदेश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएं, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं। सामूहिक प्रयास ही हमारे विकास की सच्ची शक्ति है।”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश का हर नागरिक विकास यात्रा का सहभागी बनेगा। यही सहभागिता, यही समर्पण और यही संकल्प “70 साल के मध्यप्रदेश” को आने वाले दशक में “विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्रगतिशील राज्यों” की पंक्ति में खड़ा करेगा। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बधाई देते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश की यह गौरवशाली यात्रा हमारी एकता, परिश्रम और आत्मविश्वास की पहचान है। आइए, इस यात्रा को और आगे बढ़ाएं — ताकि आने वाला मध्यप्रदेश हो और भी आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त। प्रकाश कुमार पांडेय

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