तमिलनाडु के इस जिले में चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ का खतरा… सरकार अलर्ट
तमिलनाडु के कड्डालोर जिले में चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ के खतरे को देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सतर्क हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जिले में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। हालात सामान्य होने के बावजूद एहतियात के तौर पर डॉक्टरों से लेकर रेस्क्यू टीमों तक, हर विभाग हाई अलर्ट मोड पर है। दूसरी ओर श्रीलंका में दित्वा की तबाही के बाद भारत ने भी मानवीय सहायता भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
कड्डालोर तैयार – 22 बेहद संवेदनशील व 39 उच्च संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित
कड्डालोर के जिला कलेक्टर सिबी अधित्य सेंटिल कुमार के अनुसार, जिले में ऐसे 22 बेहद संवेदनशील और 39 उच्च संवेदनशील इलाकों को चिह्नित किया गया है, जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या तुरंत पैदा हो सकती है। इन क्षेत्रों में मोटर पंप, रेत की बोरियां, जनरेटर और प्रशिक्षित कर्मचारी पहले से तैनात कर दिए गए हैं, ताकि पानी भरने की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू हो सके।
कलेक्टर के मुताबिक, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी बस्ती या गांव में जलभराव होता है तो पहले 30 मिनट के भीतर निकासी अभियान शुरू किया जा सके। पंचायत स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और आपदा प्रबंधन टीमों को स्थानीय पुलिस के साथ तैनात किया गया है।
233 राहत शिविर — 1.5 लाख लोगों के लिए व्यवस्था
तूफान की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने 233 राहत शिविर तैयार कर लिए हैं। इन शिविरों में 1.5 लाख लोगों को आश्रय देने की क्षमता है।
शिविरों में पीने के पानी की सुविधा। ताजा भोजन की व्यवस्था। बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग कोने। मोबाइल चार्जिंग पॉइंट। अस्थायी चिकित्सा केंद्र। सभी तरह की सुविधाएं पहले से सक्रिय कर दी गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों के सुरक्षित पुनर्वास में कोई देरी न हो। कलेक्टर ने बताया कि अभी तक बारिश शुरू नहीं हुई है, इसलिए लोगों को स्थानांतरित नहीं किया गया है, लेकिन जिला प्रशासन ने पहले ही गांव-गांव जाकर लोगों को सचेत कर दिया है कि स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तुरंत शिविरों में लाया जाएगा।
अस्पताल हाई अलर्ट पर – डॉक्टर 24 घंटे ड्यूटी पर
कड्डालोर के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड तैयार कर दिए गए हैं।
अस्पतालों में बैकअप जनरेटर। पर्याप्त दवाइयाँ। एक्स्ट्रा मेडिकल स्टाफ। रेस्क्यू के लिए एम्बुलेंस लाइनअप रखे गए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि प्रसव के लिए अगले दो हफ्तों में निर्धारित गर्भवती महिलाओं की सूची भी तैयार कर ली गई है। ऐसे मामलों में उन्हें पहले से सुरक्षित स्थान पर ले जाने का इंतज़ाम किया जा रहा है ताकि तूफान के दौरान किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी न आए।
24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन सक्रिय
जिला कलेक्ट्रेट में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। आम जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1077 जारी किया गया है। शिकायत मिलते ही तुरंत टीम मौके पर भेजी जाएगी। पानी निकासी। बिजली लाइन ठीक करवाने। पेड़ गिरे हों तो हटवाने
का काम तुरंत शुरू होगा।। कड्डालोर पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। नौकाएं किनारे खड़ी कर दी गई हैं।
श्रीलंका में भारी तबाही – 80 से ज्यादा मौतें, भारत की मदद शुरू
तमिलनाडु के तट तक पहुंचने से पहले ही चक्रवात दित्वा ने श्रीलंका को बुरी तरह प्रभावित किया है। वहां बाढ़ और भूस्खलन की वजह से 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई जिलों में बिजली व संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है। स्थिति को देखते हुए भारत ने अपने मानवीय मिशन ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत सहायता भेजनी शुरू कर दी है। सके तहत INS विक्रांत और INS उदयगिरी से राहत सामग्री की पहली खेप श्रीलंका रवाना की गई है। इसमें भोजन पैकेट, दवाइयां, पानी के कंटेनर, टेंट, कम्बल और मेडिकल इमरजेंसी किट शामिल हैं। भारतीय नौसेना श्रीलंका सरकार के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जहाज व मेडिकल टीम भेजने की तैयारी कर चुकी है।
समुद्र में उथल-पुथल, तटीय जिले अलर्ट पर
IMD के अनुमान के अनुसार, दित्वा के कारण समुद्र में लहरों की ऊंचाई बढ़ सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसी को देखते हुए तटीय सड़कों पर आवाजाही सीमित।
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी पर विचार। फिशिंग हार्बर बंद। बिजली विभाग के विशेष दल तैयार रख दिए गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटे को अत्यधिक संवेदनशील बताया है और लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें।
प्रशासन तैयार, सतर्कता ही सुरक्षा
कड्डालोर प्रशासन के मुताबिक, दित्वा साइक्लोन को लेकर ग्राउंड लेवल तैयारियां पूर्ण हैं। राहत शिविरों से लेकर मेडिकल बैकअप तक, हर व्यवस्था सक्रिय कर दी गई है। साइक्लोन की सटीक दिशा और तीव्रता अगले कुछ घंटों में और स्पष्ट होगी, मगर प्रशासन का फोकस यही है कि किसी भी कीमत पर जान-माल का नुकसान न हो। तूफान की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार दोनों स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।





