Monsoon Alert 2025: 30 जून से 2 जुलाई तक मचेगा मानसूनी कोहराम, IMD ने जारी किया चेतावनी अलर्ट
उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में इस बार मानसून ने देरी से लेकिन दमदार दस्तक दी है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 30 जून से 2 जुलाई 2025 के बीच दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की आधिकारिक एंट्री
28 जून को रुक-रुककर हुई बारिश के बाद IMD ने पुष्टि की कि दिल्ली में अब मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। रविवार सुबह से ही दिल्ली के आसमान में बादलों का जमावड़ा देखा गया और दोपहर तक कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिन लगातार बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग की माने तो अब दिल्ली, हरियाणा और पश्चिम यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
देश में मानसून की मौजूदा स्थिति
मौसम विभाग IMD के अनुसार वर्तमान में दो प्रमुख निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हैं। एक कच्छ तट के पास और दूसरा बांग्लादेश-पश्चिम बंगाल के ऊपर। इसके साथ ही एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन सक्रिय है जो मौसम को प्रभावित कर रही है। इसका असर झारखंड, बिहार, ओडिशा, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड तक दिखेगा।
कब और कहां हो सकती है भारी बारिश?
30 जून सोमवार
तराई के इलाके (उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार) में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी।
दिल्ली, एनसीआर, पश्चिमी यूपी और हरियाणा में मध्यम से भारी बारिश, तेज़ हवाओं और आंधी की आशंका।
1 और 2 जुलाई:
दक्षिणी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश में बारिश की तबाही मचाने वाली बेल्ट बनने की आशंका।
बिजली गिरने और जलभराव से जुड़े खतरे की संभावना।
लोग रहें सतर्क बिजली गिरने और तेज़ हवाओं का खतरा
IMD ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से कहा है कि:
खुले में न निकलें, विशेषकर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे। बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें। जो इलाके निचले स्तर पर हैं, वहां जलभराव और यातायात बाधा की समस्या हो सकती है।
पहले फेल हुए थे पूर्वानुमान, अब सबकी नजर मानसून की चाल पर
गौरतलब है कि मौसम विभाग के पहले के कई पूर्वानुमान दिल्ली और एनसीआर में सटीक साबित नहीं हुए थे। हालांकि अब मौसम प्रणाली पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अब मानसून का असर पूरे उत्तर भारत में तेज़ी से दिखाई देगा।
30 जून से शुरू होने वाली बारिश की यह श्रृंखला देश के कई राज्यों में राहत और चुनौती दोनों लेकर आएगी। किसानों के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव, बिजली गिरने और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें – यह समय है सतर्क और सुरक्षित रहने का।… (प्रकाश कुमार पाण्डेय )





