उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी को एक बड़ा झटका लगा है। बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी पंचायत चुनाव अकेले लड़ेगी।
निषाद ने क्या कहा पंचायत चुनाव पर
निषाद ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी पंचायत चुनाव अलग से लडेगी। वो पंचायत चुनावों में अपने केंडिटेट अलग से उतारेगी । वो चुनावों में किसी पार्टी के साथ गठबंधन में नहीं होगी। निषाद ने इस बात को भी साफ किया कि निषाद पार्टी का गठबंधन बीजेपी से केवल विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक ही सीमित रहेगा। स्थानीय स्तर के चुनावों में निषाद पार्टी अलग से ही उम्मदीवार उतारेगी।
इस फैसले के पीछे क्या है रणनीति
दऱअसल निषाद पार्टी बहुत पुरानी नहीं है। इसलिए पार्टी की पहचान और निशान को जनता के बीच ले जाने के लिए जमीनी स्तर तक काम करना होगा। जमीनी स्तर पर काम करके पार्टी को मजबूत राजनैतिक पहचान मिलेगी। साथ ही निषाद पार्टी प्रमुख का मानना है कि संगठन को मजबूत पंचायत चुनावों से ही बनाने की शुरूआत करेंगे जिससे इसका फायदा विधानसभा तक मिल सकेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देष दिए कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान हर गांव और हर बूथ पर पार्टी की झंडा फहराना चाहिए । इन चुनावों के दौरान पार्टी के जनाधार को सशक्त बनाना है। पंचायत चुनावों के जरिए निषाद पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों में तक राजनैतिक पकड़ मजबूत करने पर काम करेगी।





