Israel-Iran Tensions : ट्रंप ने दी ईरान को सार्वजनिक चेतावनी ….जानें क्या कहा …अभी भी वक्त है, डील कर लो…?

There is still time to make a deal Trump open warning to Iran which is suffering due to Israeli attack

Israel-Iran Tensions : अभी भी वक्त है डील कर लो…’, इजरायली हमले से तड़प रहे ईरान को ट्रंप की खुली चेतावनी

Israel-Iran Tensions Latest Updates: इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। जिसमें ईरान के छह वैज्ञानिक और कई मिलिट्री कमांडर के मारे जान की सूचना मिली थी। इस बार ईरान की ओर से भी पलटवार किया गया है। इजरायल पर ईरान ने 150 से अधिक मिसाइलें दागीं हैं। ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया है। बता दें मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर चर्चा की। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को परमाणु समझौता करने की चेतावनी दी है। मध्य-पूर्व में यह तनाव अस्थिरता को बढ़ा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर इजरायल की ओर से हमलों को लेकर कहा कि हमें इसके बारे में पहले से ही जानकारी थी। उन्होंने ईरान को शर्म और मौत से बचाने की कोशिश की। ट्रंप ने कहा उन्हें बचाने की भी कोशिश की है। उन्हों कोशिश की क्योंकि उन्हें ईरान के साथ यह डील करनी है।

ऑपरेशन राइजिंग लॉयन वर्सेस ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अमेरिका को इन हमलों की पूर्व जानकारी थी और उन्होंने ईरान को बार-बार चेताया था। ट्रंप के अनुसार, दो महीने पहले उन्होंने ईरान को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की मेज पर लौट आए। लेकिन ईरान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अब 61वां दिन है और ट्रंप का कहना है कि शायद यह आखिरी मौका हो।

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी देर नहीं हुई है। ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए टेबल पर आकर बातचीत के लिए लौटना होगा। ट्रंप ने ईरान पर हुए इन हमलों को बेहद सटीक और सफल बताया। माना जा रहा है कि middle east मध्य पूर्व में स्थिति इस समय बेहद विस्फोटक और युद्ध की कगार पर पहुँच चुकी है। इस तनाव के केंद्र में इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग है। अब इस जंग में अमेरिका की सक्रिय भागीदारी ने इसे और जटिल बना दिया है।

प्रमुख बिंदु इस संकट पर
इजरायल बनाम ईरान युद्ध

इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। जिन्हें “सटीक और सफल” बताया गया। ऑपरेशन राइजिंग लॉयन नाम से इजरायल का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक वह ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म नहीं कर देता।

अमेरिका की भूमिका

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें हमलों की जानकारी पहले से थी। ट्रंप ने कहा “मैंने ईरान को शर्म और मौत से बचाने की कोशिश की… लेकिन अब शायद उनके पास सेकंड चांस है। अमेरिका अब ईरानी मिसाइलों को रोकने में इजरायल की मदद कर रहा है, और खुद को उसकी मिसाइल-ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो अब खत्म हो चुका है। ट्रंप की मंशा है ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर समझौता (डील) करना, लेकिन अब ये बातचीत अंतिम चरण में पहुंच सकती है या टूट सकती है।

इजरायल में रेड अलर्ट जारी, आम नागरिकों को बंकरों में रहने के आदेश दिए गए हैं। वहीं ईरान ने भी जवाबी हमलों और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताएं बढ़ाने की चेतावनी दी है।

क्या यह क्षेत्रीय युद्ध एक वैश्विक संघर्ष में बदल सकता है?

यदि ईरान पर अमेरिकी समर्थन वाले हमले जारी रहते हैं, तो रूस या चीन की प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ के पास यदि लड़ाई बढ़ती है तो तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर होगा। भारत जैसे देशों को तेल आयात, खाड़ी में प्रवासी सुरक्षा और राजनयिक संतुलन की चुनौती से जूझना होगा। —(प्रकाश कुमार पांडेय)

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