राजगीर में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का रास्ता साफ…बिहार मंत्रिमंडल ने दी बड़ी मंजूरी…
बिहार के खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य मंत्रिपरिषद ने ऐतिहासिक नगरी राजगीर में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) को सौंपने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब बिहार में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैचों का आयोजन भी संभव हो जाएगा।
- बिहार क्रिकेट को मिला नया आयाम
- बिहार क्रिकेट को मिला तोहफ़ा
- खेल अवसंरचना में बड़ा कदम
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार ने हाल के वर्षों में खेल के क्षेत्र में व्यापक प्रगति की है। खेल अवसंरचना का निर्माण और उसका रख-रखाव अब प्राथमिकता में है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सके और राज्य में बड़े आयोजनों की परंपरा शुरू हो। राजगीर का यह स्टेडियम न केवल क्रिकेट मैचों का गवाह बनेगा, बल्कि यहां खिलाड़ियों को स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को जिम्मेदारी
नवनिर्मित राज्य खेल अकादमी-सह-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का रख-रखाव और संचालन अब BCA को सौंपा जाएगा। BCCI से सम्बद्ध BCA इस स्टेडियम में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन सुनिश्चित करेगा। इससे बिहार की क्रिकेट टीमों को घर पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। दर्शकों के लिए भी बिहार में विश्वस्तरीय क्रिकेट देखने का सपना साकार होगा।
पटना में भी नई खेल अवसंरचना
मंत्रिमंडल ने सिर्फ राजगीर ही नहीं, बल्कि पटना में भी खेल अवसंरचना को मजबूत करने के कदम उठाए हैं। पटना प्रमंडलीय मुख्यालय में नई खेल सुविधाओं के निर्माण के लिए पुनपुन अंचल के डुमरी में 101 एकड़ भूमि का अधिग्रहण होगा। इसके लिए सरकार ने 574 करोड़ 33 लाख 90 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। इस भूमि पर अंतरराष्ट्रीय मानकों की खेल सुविधाएं खड़ी की जाएंगी।
खिलाड़ियों की नियुक्ति नियमावली
खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी मंत्रिमंडल ने अहम निर्णय लिए हैं।बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ी सीधी नियुक्ति नियमावली 2023 को लागू किया गया है। इसके तहत खिलाड़ियों को उनकी योग्यता, प्रदर्शन और उपलब्धियों के आधार पर विभिन्न वेतनमानों में नियुक्त किया जाएगा। हर साल 5 पुरुष और 5 महिला खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसमें यही शर्त है कि खिलाड़ी बिहार का मूल निवासी होना चाहिए।
क्यों अहम है राजगीर का स्टेडियम?
राजगीर का क्रिकेट स्टेडियम बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट मैदान है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व इसे खास बनाते हैं। इस स्टेडियम से बिहार अब अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर में शामिल हो सकेगा। यह नालंदा और आसपास के क्षेत्रों में खेल पर्यटन (Sports Tourism) को भी बढ़ावा देगा।
बिहार क्रिकेट का पुराना संघर्ष
बिहार क्रिकेट ने लंबे समय तक BCCI मान्यता के लिए संघर्ष किया। 2000 के दशक में झारखंड अलग राज्य बनने के बाद बिहार क्रिकेट हाशिए पर चला गया। कई सालों तक राज्य के खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंटों में खेलने का मौका नहीं मिला। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हालात बदले और BCA को BCCI से मान्यता मिली। अब राजगीर में इस स्टेडियम के संचालन से बिहार क्रिकेट का नया अध्याय शुरू होगा।
युवाओं के लिए अवसर
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बिहार के युवाओं को बड़ा मंच मिलेगा। अब उन्हें बाहर जाकर प्रशिक्षण या अवसर खोजने की जरूरत कम होगी। यहां घरेलू स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक खेलने का मौका मिलेगा। खेल से जुड़े रोजगार और पर्यटन के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार का संदेश
मंत्रिमंडल के इस निर्णय से सरकार ने यह संदेश दिया है कि बिहार सिर्फ शिक्षा और संस्कृति ही नहीं, बल्कि खेल का भी केंद्र बन सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार को खेल मानचित्र पर स्थापित करने के पक्षधर रहे हैं। राजगीर स्टेडियम का संचालन अब उसी दिशा में एक ठोस कदम है। राजगीर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन की मंजूरी से बिहार क्रिकेट का सपना पूरा होने की राह पर है। साथ ही, पटना में नई खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों की नियुक्ति नियमावली से यह साफ है कि सरकार खेलों को राज्य की नई पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अब इंतजार है उस दिन का जब राजगीर की धरती पर भारत और विदेशी टीमों के बीच मुकाबले होंगे और बिहार का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में गूंजेगा।..( प्रकाश कुमार पांडेय)




