महिला स्वास्थ्य और पोषण को लेकर अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान
‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और पोषण माह का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2025 को अपने 75वें जन्मदिन के अवसर पर देशभर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और 8वें पोषण माह की शुरुआत करने जा रहे है। यह ऐतिहासिक पहल महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को समर्पित है। इसका नेतृत्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) संयुक्त रूप से करेंगे। यह पहल न केवल महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाएगी बल्कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को भी मजबूत करेगी।
- भेंट सिकल सेल स्क्रीनिंग के 1 करोड़वे कार्ड का वितरण
- सुमन सखी चैटबॉट की लॉन्चिंग
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
- महिला हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित
- एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों की योजना
- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अभियान चलेगा।
- एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर देशभर में लगाए जाएंगे।
- सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं, जैसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन शिविर आयोजित होंगे। आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह, पंचायती राज संस्थाएं और MY Bharat के स्वयंसेवक सामुदायिक लामबंदी का नेतृत्व करेंगे।
प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं और जांच
इस अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों के लिए समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी गैर-संचारी रोग – उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे की जांच व परामर्श। कैंसर स्क्रीनिंग – मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच और मैमोग्राफी सुविधा।
एनीमिया और पोषण – एचबी जांच, आयरन सप्लीमेंट, कृमिनाशक दवा और संतुलित आहार परामर्श। टीबी और सिकल सेल रोग – जांच, निदान, उपचार और पोषण सहायता। मातृ और शिशु स्वास्थ्य – प्रसवपूर्व देखभाल, टीकाकरण, पोषण और सुरक्षित प्रसव परामर्श। मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली जागरूकता – परामर्श, योग सत्र और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान।
मंत्रालयों और समाज का सामूहिक प्रयास
यह अभियान संपूर्ण-सरकार और संपूर्ण-समाज दृष्टिकोण से आगे बढ़ेगा। शिक्षा मंत्रालय स्कूलों और कॉलेजों में स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां आयोजित करेगा। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय स्वयं सहायता समूहों और पंचायतों के माध्यम से महिलाओं तक पहुंच बनाएंगे। जनजातीय कार्य मंत्रालय आदिवासी समुदायों पर विशेष ध्यान देगा। रक्षा, रेलवे और श्रम मंत्रालय अपने अस्पतालों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगे। निजी अस्पताल और संस्थान भी इस जनभागीदारी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
पीएम मोदी का विज़न: स्वस्थ नारी, सशक्त भारत
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं देकर परिवार और समाज को सशक्त बनाना है। एनीमिया रोकथाम, संतुलित आहार और मासिक धर्म स्वच्छता पर फोकस। गैर-संचारी रोगों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता। डिजिटल हेल्थ सेवाओं, जैसे आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी का प्रसार। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह अभियान देश में अब तक का सबसे बड़ा महिला और बाल स्वास्थ्य अभियान होगा। उन्होंने निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से अपील की कि वे भी इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें। यह राष्ट्रव्यापी अभियान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल स्वस्थ नारी के संकल्प को पूरा करेगा, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव भी मजबूत करेगा। ( प्रकाश कुमार पांडेय)