अब आपको भारतीयों के खानपान की बदलती आदतों के बारे में बताएंगे। जिसका खुलासा भारत सरकार की एक रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लोगों की थाली में कैलोरी की मात्रा में कमी आई है। पिछले 14 सालों में भारतीयों के भोजन में अनाज की मात्रा घटी है। जबकि मांस, मछली और अंडे की मात्रा में वृद्धि हुई है।
सामने आई भारतीयों के खानपान पर नई रिपोर्ट
घट रही है शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कैलोरी की खपत
2023-24 में भारतीयों की थाली में कैलोरी की मात्रा में कमी आई
यह गिरावट शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखी गई
हाल ही में सरकार द्वारा जारी एक रिपोर्ट ने भारतीयों के खान-पान की आदतों पर एक नई रोशनी डाली है। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023-24 में भारतीयों की थाली में कैलोरी की मात्रा में कमी आई है। यह गिरावट शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखी गई है।
यह रिपोर्ट राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जारी की है जो बताती है कि भारतीय अब पहले की तुलना में कम कैलोरी का सेवन कर रहे हैं। यह गिरावट ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में देखी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति ने साल 2022-23 में हर दिन 33 किलो कैलोरी का सेवन किया। जो कि साल
2023-24 में घटकर 2021 किलो कैलोरी रह गई। इसी तरह शहरी क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ने साल 2022-23 में हर दिन 250 किलो कैलोरी का सेवन किया जो कि साल 2023-24 में घटकर 2240 किलो कैलोरी रह गया। अगर इसकी तुलना हम साल 2009 से करें तो लोगों की कैलोरी इंटेक बढ़ा था जो कि अब घटने लगा है। साल 2009 में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने 2147 किलो कैलोरी का सेवन किया था। जबकि इस शहरी क्षेत्रों में लोगों ने 2009में 2123 किलो कैलोरी का सेवन किया था। इस रिपोर्ट के अनुसार अब लोग अनाज का सेवन कम कर रहे हैं।
रिपोर्ट में प्रति व्यक्ति के स्थान पर प्रति उपभोक्ता इकाई शब्द का उपयोगी किया गया है। इसका अर्थ है कि यह आंकड़ा महज औसत नहीं है। लेकिन यह पूरे परिवार के सभी सदस्यों की उम्र के साथ लिंग के आधार पर भी उनकी अलग-अलग कैलोरी जरूरतों को भी ध्यान में रखता है। इस रिपोर्ट से यह पता चलता है कि लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से भरपूर पोषण आहार मिल रहा है या नहीं।..प्रकाश कुमार पांडेय





