Tesla की ऑटोपायलट टेक्नोलॉजी पर अदालत का तमाचा, 1,660 करोड़ का जुर्माना

Tesla हादसे में बड़ा झटका, अदालत ने ठहराया दोषी
अमेरिका की एक अदालत ने टेस्ला को उसकी ऑटोपायलट तकनीक के कारण हुए एक सड़क हादसे में आंशिक रूप से दोषी ठहराते हुए 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,660 करोड़ रुपये) का हर्जाना देने का आदेश दिया है। यह फैसला टेस्ला के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि कंपनी आमतौर पर ऐसे मामलों को ट्रायल तक नहीं पहुंचने देती। हादसे में 22 वर्षीय नायबेल बेनाविदेस लियोन की मौत हो गई थी और उसका प्रेमी घायल हो गया था।

ड्राइवर नहीं, टेक्नोलॉजी ज़िम्मेदार
अदालत में पेश सबूतों के मुताबिक, हादसे के समय ड्राइवर मोबाइल पर व्यस्त था, लेकिन बावजूद इसके जूरी ने टेस्ला की तकनीक को भी जिम्मेदार माना। यह माना गया कि टेस्ला की ऑटोपायलट टेक्नोलॉजी ऐसी स्थिति में असफल रही, जबकि इसे काम करना चाहिए था। एलन मस्क जहां ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा लाने की तैयारी में हैं, वहीं यह फैसला उनकी योजना पर सवाल खड़े करता है।

चार साल चला केस, कंपनी की कोशिशें नाकाम
यह मुकदमा लगभग चार साल चला और दुर्लभ मामलों में से एक था जो ट्रायल तक पहुंचा। आमतौर पर टेस्ला ऐसे मामलों को कोर्ट से बाहर निपटा लेती है या खारिज करवा देती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। कोर्ट ने इस बार कंपनी की पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी पर सीधा सवाल उठाया है।

सबूतों को छुपाने का आरोप
पीड़िता के वकीलों ने दावा किया कि टेस्ला ने हादसे से ठीक पहले की रिकॉर्डिंग और डेटा को छुपा लिया या “गायब” कर दिया। बाद में फॉरेंसिक जांच में वही सबूत मिले जो कंपनी इनकार करती रही थी। टेस्ला ने सफाई दी कि उन्हें लगा ही नहीं कि डेटा मौजूद था, लेकिन कोर्ट ने इस पर विश्वास नहीं किया।

टेस्ला की छवि पर असर तय
भले ही टेस्ला का दावा है कि उसने ऑटोपायलट तकनीक में काफी सुधार किया है, लेकिन 2019 में फ्लोरिडा की अंधेरी सड़क पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर ऑटोनॉमस गाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अब और लोग भी अदालत का रुख कर सकते हैं, जिससे टेस्ला की छवि और ज्यादा प्रभावित हो सकती है।

 

 

 

 

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