सोने-चांदी के भावों में तेजी के कारण धार्मिक आयोजनों में शृंगार महंगा पड़ा है। मंदिरों में आमतौर पर राम-सीता, राधा-कृष्ण, बालाजी, भैरुजी और अन्य प्रतिमाओं का सोने-चांदी से सजावट किया जाता है। अब इन आभूषणों का खर्च पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है, जिससे भक्तों और मंदिर व्यवस्थाओं को भी असर झेलना पड़ रहा है।
आभूषणकार बताते हैं कि चांदी के वर्क का रोल पहले 700–800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब वही 2800–2900 रुपए तक पहुंच गया है। फिर एक प्रतिमा के लिए कम से कम एक रोल की आवश्यकता होती है, जिससे शृंगार का खर्च करीब 3000 रुपए तक हो गया है। कुछ बड़े मंदिरों में सोने के वर्क से शृंगार करने पर लागत सवा लाख रुपए तक पहुंचती है। इससे भी बड़े आयोजनों में भक्त अक्सर मिलजुल कर शृंगार करवाते हैं, ताकि लागत साझा हो सके।
मिष्टान भंडारों पर भी चांदी वर्क का असर दिख रहा है। क्षेत्रीय दुकानदारों के अनुसार, जो पूजा सामग्री पहले 50–60 रुपए में मिलती थी, अब वही 90–100 रुपए तक में बिक रही है। इसके अलावा कुछ मिठाई-दुकानों में चांदी वर्क चार गुना महंगा हो गया है, जिससे खर्च बढ़ा है।
08 फरवरी 2026 — सोने-चांदी के प्रमुख शहरों के भाव (ताजा)
| शहर | 24K सोना (₹/10g) | 22K सोना (₹/10g) | चांदी (₹/किग्रा) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ~1,56,600 | ~1,43,550 | ~2,85,000 |
| मुंबई | ~1,56,600 | ~1,43,550 | ~2,85,000 |
| चेन्नई | ~1,56,600 | ~1,43,550 | ~2,85,000 |
| कोलकाता | ~1,56,600 | ~1,43,550 | ~2,85,000 |
| हैदराबाद | ~1,56,600 | ~1,43,550 | ~2,85,000 |
| भोपाल | ~1,56,650 | ~1,43,600 | ~2,85,000 |
| ध्यान दें: कीमतें स्थानीय मार्केट और टैक्स के हिसाब से थोड़ी बहुत बदल सकती हैं। (Goodreturns) |
सोने-चांदी के भाव बढ़ने से मंदिरों में शृंगार का खर्च पहले की तुलना में बहुत अधिक हो गया है। भक्त अब सामूहिक रूप से आभूषण करवाने लगे हैं, ताकि व्यक्तिगत खर्चा कम हो सके।
चांदी वर्क के दाम में उछाल
चांदी के भाव पहले की तुलना में काफी ऊपर चले गए हैं, जिससे वर्क की लागत चार गुना तक बढ़ गई है।
मिठाई और पूजा सामग्रियों पर असर
चांदी वर्क की महंगाई का असर केवल शृंगार पर नहीं, बल्कि मिठाइयों और पूजा सामग्री पर भी दिख रहा है, जो अब पहले से कहीं महंगी हो गई हैं।
समाधान और विकल्प
कई मंदिरों ने अब वैकल्पिक सजावट सामग्री अपनाना शुरू कर दिया है, ताकि लागत को नियंत्रित किया जा सके और भक्तों पर आर्थिक बोझ कम पड़े।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.