Bihar Election 2025: तेजप्रताप यादव का नया प्रयोग: “जनता का सिंहासन” अभियान से बना रहे अलग पहचान, तेजस्वी को दी सीधी चुनौती
बिहार में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव Prasad Prasad Yadav के बड़े बेटे तेजप्रताप Tej Pratap पार्टी राजनीति में रोज नए प्रयोग कर रहे हैं। पार्टी और परिवार से बेदखल किए जाने के बाद से तेजप्रताप रोज प्रयोग करते दिख रहे है। सबसे पहले तो उन्होने जनता के बीच अपनी सक्रियता बढ़ा दी है साथ ही अपनी एक अलग इमेज को गढ़ने में लग गए है। तेजप्रताप की सभाओं में आजकल नजारा कुछ और ही होता है । नेता जी जमीन पर होते है और जनता कुर्सी पर।
तेजप्रताप कर रहे है नए प्रयोग
तेजप्रताप ने अरवल के रोड शो और सभा में ये ऐलान किया कि अब उनके मंच पर कु्र्सी नहीं होगी। वो मंच पर होंगे लेकिन बिना कुर्सी के बैठे होंगे और सामने जनता कुर्सी पर विराजी होगी। तेजप्रताप ने अपने इस अभियान की नाम “जनता का सिंहासन” दिया है। गले में पीला गमछा लिए तेजप्रताप जमीन पर बैठे होते है। उनके सामने जनता कुर्सी पर बैठी होती है । तेजप्रताप के दरबार का ये नया अंदाज जनता को बहुत पसंद आ रहा है। जनता को कुर्सी पर बिठाकर तेजप्रताप उनसे संवाद करते है । उनकी समस्याओं को भी सुनते हैं।
बिहार के तमाम मुद्दे उठाते हैं तेजप्रताप
जमीन पर बैठे नेता तेजप्रताप जनता से समस्याओ पर भी संवाद करते है साथ ही सत्ताधारी पार्टी को घेरने का भी मौका नहीं छोड़ते। तेजप्रताप इन सभाओं में बिहार में पलायन से लेकर रोजगार पर चिंता जाहिर करते हैं। बिहार के युवाओं के पलायन पर तेजप्रताप सरकार को घेरते हैं। पीले रंग की टोपी लगाए तेजप्रताप जनता को उन नेताओं से भी सावधान रहने की बात करते हैं जो पीले रंग का गमछा पहनते हैं । तेजप्रताप पीले गमछे वाले नेताओ को बहरूपिया बताते हैं।
जनता केंद्रित राजनीति बनाने की कोशिश
पार्टी औऱ परिवार से बेदखल होने के बाद ये अटकलें थी किं तेजप्रताप नई पार्टी बनाऐंगे। कुछ दिन शांत रहने के बाद तेजप्रताप Tej Pratap ने अपनी सक्रियता बढा दी। तेजप्रताप ने बिहार की राजनीति को जनता केंद्रित करने की कोशिश की है। यही वजह है कि वो “जनता के सिंहासन” अभियान के जरिए खुद तो जनता से जुड़ते ही हैं साथ ही साथ राजनीति को भी जनता केंद्रित बनाने को कोशिश कर रहे हैं । जनता के बीच जाकर तेजप्रताप राजनीति में अपनी अलग छवि बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं। खास बात ये है कि जनता केंद्रित राजनीति करने से तेजप्रताप तेजस्वी Tej Pratap Tejashwi से बहुत आगे निकल रहे है। जानकार तो यहां तक कहते है कि तेजप्रताप के इन चुनावों में तेजस्वी को चुनौती दे रहे हैं




