बिहार विधानसभा चुनावों के पहले आर जे डी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप की सक्रियता तेजस्वी के लिए चुनौती बनती जा रही है।
तेजप्रताप की बढ़ गई है सक्रियता
आर डे जी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप अब आर जे डी और उनके पिता से अळग अपनी नई इमेज बनाने में लगे है। तेजप्रताप ने अब अपनी टोपी का रंग बदल लिया है । तेजप्रताप अब आरजेडी से अळग पीले रंग की टोपी लगा रहे हैं। तेजप्रताप लगातार अपनी अलग पहचान बनाने में लगे हैं वो पीले रंग के गमछे डालने वाले नेताओं को बहरूपिया कहते है । अभी तक बिहार में पीले रंग का गमछा प्रशांत किशोर डालते हैं और उत्तरप्रदेश में ओपीराजभर । तेजप्रताप पीले रंग को श्रीकृष्ण से जोड़कर देखते हैं और खुद को श्रीकृष्ण का उपासक बताते हैं। कभी कभी तो तेजप्रताप अपने समर्थकों को बांसुरी भी सुनाते हैं।
तेजप्रताप पहले अपने छोटे भाई तेजस्वी को अजुर्न बताते थे और खुद को अजुर्न का कृष्ण । पार्टी औऱ परिवार से निकाले जाने के बाद तेजप्रताप ने कुछ दिन जयचंदो की बात की और खुद को छोटे भाई का कृष्ण बताया। फिर धीरे धीरे अटकले लगी कि तेजप्रताप नई पार्टी बनाऐंगे। महुआ की एक सभा में तेजप्रताप ने पहले गाड़ी के झंडे का रंग बदला इसके बाद अब अपनी टोपी का रंग भी बदल लिया।
तेजस्वी के लिए बन रहे है चुनौती
आर जे डी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े और छोटे बेटे कभी कृष्ण और अजुर्न की तरह माने जाते थे। लेकिन परिवार औऱ पार्टी से निकाले जाने के बाद से तेजप्रताप लगातार अपनी सक्रियता बढा रहे हैं और खुद को जनता के बीच अलग पहचान के साथ स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। अंदरखाने में तो इस बात की भी चर्चा है कि वो अब तेजस्वी के लिए चुनावी चुनौतियों को बढा सकते हैं। तेजप्रताप को लालू प्रसाद यादव ने सोसळ मीडिया की एक विवादित पोस्ट के कारण पार्टी और परिवार दोनो से निकाला दे दिया था।




