भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में बड़ी छंटनी का एलान किया है। कंपनी ने कहा है कि वह करीब 12,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगी। इस घोषणा के बाद सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक्स में लगभग 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
क्यों हो रही है छंटनी?
टीसीएस ने कहा कि कंपनी खुद को “भविष्य के लिए तैयार” संगठन के तौर पर ढाल रही है। इसके लिए वह टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बाजार विस्तार और कर्मचारियों की पुनर्संरचना (Restructuring) पर फोकस कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत उन कर्मचारियों को हटाया जाएगा जिनकी तैनाती आगे संभव नहीं लगती।
किस लेवल पर पड़ेगा असर?
छंटनी का सबसे ज्यादा असर मिड-लेवल और सीनियर लेवल के कर्मचारियों पर होगा। कंपनी ने कहा कि इससे करीब 2% वर्कफोर्स प्रभावित होगा।
शेयरों पर क्या असर पड़ा?
छंटनी की खबर सामने आने के बाद बीएसई पर TCS के शेयर 1.69% गिरकर ₹3,081.20 पर बंद हुए। वहीं, एनएसई पर भी कंपनी के स्टॉक्स में 1.7% की गिरावट रही।
कितने कर्मचारी हैं टीसीएस में?
30 जून, 2025 तक टीसीएस में कुल 6,13,069 कर्मचारी कार्यरत थे। दिलचस्प बात यह है कि इसी वर्ष जून तिमाही में कंपनी ने करीब 5,000 कर्मचारियों को जोड़ा था।
कंपनी का क्या कहना है?
कंपनी का कहना है कि यह कदम वैश्विक तकनीकी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की ओर से फैसले लेने में देरी को देखते हुए लिया गया है। टीसीएस प्रभावित कर्मचारियों को उचित मुआवजा, काउंसलिंग और आउटप्लेसमेंट की सुविधा देगी।





