तमिलनाडु की पसंद मजबूत और एकजुट NDA: पीएम मोदी
DMK पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद का आरोप, स्टालिन ने दिया पलटवार
नई दिल्ली | 24 जनवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राज्य की जनता के लिए मजबूत और एकजुट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ही सबसे बेहतर विकल्प है। उन्होंने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता अब अच्छे शासन की मांग कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में लिखा, “तमिलनाडु की पसंद एक मजबूत और एकजुट NDA है। जनता अच्छे शासन की चाह रखती है, न कि DMK के भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति की।”
चुनावी राज्य में गरजे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को तमिलनाडु दौरे पर थे, जहां उन्होंने एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन पर तीखा हमला बोला और कहा कि तमिलनाडु में DMK सरकार की विदाई का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।
पीएम मोदी ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में बीजेपी–NDA की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने DMK को दो बार पूर्ण बहुमत दिया, लेकिन पार्टी ने जनता के भरोसे को तोड़ दिया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि DMK ने चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं किया।
‘CMC सरकार’ का आरोप
पीएम मोदी ने अपने भाषण में DMK सरकार को लेकर एक नया शब्द गढ़ते हुए कहा कि जनता अब इसे “CMC सरकार” कह रही है। उन्होंने कहा, “ DMK को तमिलनाडु के लोगों ने 2 बार पूर्ण बहुमत दिया, लेकिन DMK ने जनता के विश्वास के साथ घात किया। वादों के पहाड़ DMK ने खड़े किए, लेकिन काम शून्य। DMK सरकार को आज लोग CMC सरकार कह रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि CMC का मतलब है— Corruption (भ्रष्टाचार), Mafia (माफिया) और Crime (अपराध)। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और राज्य में माफिया व आपराधिक तत्वों को संरक्षण मिल रहा है।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने DMK सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि उसमें लोकतांत्रिक मूल्यों और जवाबदेही की कमी है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है और शासन पारदर्शिता से दूर होता जा रहा है। पीएम मोदी ने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता अब मन बना चुकी है और वह DMK तथा “CMC संस्कृति” को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी–NDA की डबल इंजन सरकार का आना तय है, जिससे विकास को नई गति मिलेगी।
‘डबल इंजन सरकार’ का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने को विकास का मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां डबल इंजन सरकारें हैं, वहां तेज़ी से विकास हो रहा है और जनकल्याणकारी योजनाएं बेहतर तरीके से लागू हो रही हैं।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का पलटवार
प्रधानमंत्री मोदी के इन बयानों पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बीजेपी के “डबल इंजन सरकार” के नारे पर तंज कसते हुए इसे “डप्पा इंजन” करार दिया। स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जिस ‘डबल इंजन’ की बात कर रहे हैं, वह तमिलनाडु में ‘डप्पा इंजन’ साबित होगा और यहां चलेगा ही नहीं।”
विकास को लेकर किया पलटवार
मदुरांतकम में दिए गए अपने बयान में मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि जिन राज्यों में बीजेपी की डबल इंजन सरकार नहीं है, वही राज्य विकास के मामले में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक सुधारों के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु को उसका वाजिब हक नहीं दिया जा रहा, फिर भी राज्य ने अपने संसाधनों और नीतियों के दम पर विकास की रफ्तार बनाए रखी है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री स्टालिन के बीच इस तीखी बयानबाजी से साफ है कि तमिलनाडु में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। एक ओर बीजेपी और NDA खुद को भ्रष्टाचार-मुक्त और विकासोन्मुख विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं, वहीं DMK अपनी सरकार की उपलब्धियों और राज्य के विकास मॉडल को सामने रख रही है। तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर केंद्र में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दावा कि राज्य की जनता मजबूत और एकजुट NDA को पसंद कर रही है, और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का तीखा पलटवार—दोनों ही संकेत देते हैं कि आने वाले समय में राजनीतिक संघर्ष और तेज़ होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तमिलनाडु की जनता किस राजनीतिक दल पर भरोसा जताती है और किसे सत्ता की जिम्मेदारी सौंपती है।





