केरल विधानसभा चुनाव यूडीएफ की प्रचंड जीत
मुख्यमंत्री पद को लेकर दिल्ली में मंथन
तीन दिग्गज नेताओं के नाम सबसे आगे
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन की ऐतिहासिक जीत के बाद अब राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री पद को लेकर खड़ा हो गया है। 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटों पर शानदार जीत हासिल कर वाम मोर्चे को सत्ता से बाहर कर दिया है। अकेले 63 सीटें आने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर CM पद के लिए चर्चाएं तेज हो गई हैं।
केरल में विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद से ही कांग्रेस की सियासत गरमा गई है। इतना ही नहीं दिल्ली में भी कांग्रेस आला नेताओं में लगातार बैठकों का दौर जारी है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर हुई पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी शामिल हुए।। पार्टी सूत्रों के अनुसार केरल से जुड़े पर्यवेक्षकों और वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। अब अंतिम निर्णय सोनिया गांधी की सहमति के बाद घोषित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े चेहरे
कांग्रेस के भीतर फिलहाल तीन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें पहला नाम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव K. C. Venugopal का है। वे संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं और राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। पार्टी के रणनीतिक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसके कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
दूसरा बड़ा नाम V. D. Satheesan का है। चुनाव प्रचार के दौरान वे यूडीएफ का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे और उनकी आक्रामक रणनीति को गठबंधन की जीत का अहम कारण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता ने बदलाव के प्रतीक के रूप में सतीशन पर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीसरा प्रमुख चेहरा वरिष्ठ कांग्रेस नेता Ramesh Chennithala का है। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण उनका दावा भी मजबूत माना जा रहा है। पार्टी के भीतर कई नेता अनुभव और संतुलन के आधार पर उन्हें उपयुक्त विकल्प बता रहे हैं। हालांकि कुछ राजनीतिक हलकों में Shashi Tharoor का नाम भी चर्चा में आया, लेकिन फिलहाल मुख्य मुकाबला वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्नीथला के बीच ही माना जा रहा है।
पोस्टरबाजी से नाराज दिखे राहुल गांधी
मुख्यमंत्री पद को लेकर समर्थकों के बीच पोस्टरबाजी और शक्ति प्रदर्शन ने कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने समर्थकों को नियंत्रित रखें और अनुशासन बनाए रखें। पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि सरकार गठन से पहले गुटबाजी या आंतरिक खींचतान का संदेश जनता के बीच जाए। बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई और नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी गई। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इतनी बड़ी जीत के बाद पार्टी को एकजुट और अनुशासित छवि पेश करनी चाहिए।
अगले 24 घंटे माने जा रहे अहम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला जल्द हो सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार आलाकमान ऐसा चेहरा चुनना चाहता है जो संगठन और गठबंधन सहयोगियों के बीच संतुलन बनाए रख सके। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यूडीएफ की ऐतिहासिक जीत के बाद कांग्रेस कोई ऐसा जोखिम नहीं लेना चाहती जिससे अंदरूनी असंतोष बढ़े। यही कारण है कि केंद्रीय नेतृत्व बेहद सावधानी और रणनीति के साथ अंतिम नाम तय करने में जुटा हुआ है। अब पूरे केरल की नजर दिल्ली से आने वाले उस फैसले पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि राज्य की सत्ता की कमान आखिर किस नेता के हाथों में जाएगी।





