सुष्मिता सेन ने खोला दिल का दर्द: हार्ट सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया से क्यों किया इनकार, बेहोश होने से क्यों डरती हैं सुष्मिता?

Sushmita Sen

सुष्मिता सेन ने खोला दिल का दर्द: हार्ट सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया से क्यों किया इनकार, बेहोश होने से क्यों डरती हैं?

बॉलीवुड की ग्लैमरस और स्ट्रॉन्ग एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने एक बार फिर अपनी हिम्मत और सकारात्मक सोच से लोगों को प्रेरित किया है। मिस यूनिवर्स 1994 रह चुकीं सुष्मिता सिर्फ एक सफल एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि दो बेटियों—रिने और अलीशा—की सिंगल मदर भी हैं। बीते साल फरवरी 2023 में उन्हें हार्ट अटैक आया था, जिसने फैंस को बेहद चिंतित कर दिया था। लेकिन कुछ ही हफ्तों में उन्होंने न सिर्फ रिकवरी की बल्कि सेट पर लौटकर शूटिंग भी शुरू कर दी।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुष्मिता ने पहली बार यह खुलासा किया कि उन्होंने हार्ट सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया लेने से इनकार क्यों किया और ऑपरेशन के दौरान होश में रहना क्यों पसंद किया।

हार्ट अटैक के दौरान होश में थीं सुष्मिता

इंटरव्यू में सुष्मिता बताती हैं कि 27 फरवरी 2023 को आया हार्ट अटैक उनके लिए किसी चेतावनी की तरह था। वह उस समय पूरी तरह होश में थीं और उन्हें साफ महसूस हो रहा था कि उनकी जिंदगी एक बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है।

उन्होंने कहा “जब आपको हार्ट अटैक आता है और आप होश में होते हैं, तो आपको समझ आता है कि आप जिंदगी के दूसरे किनारे तक कितने करीब पहुंच चुके थे। सुष्मिता के मुताबिक उस अनुभव ने उन्हें यह एहसास कराया कि जीवन कितना क्षणभंगुर है और हर पल की कीमत कितनी होती है।

स्टेंट प्रक्रिया के दौरान भी नहीं लिया बेहोशी का इंजेक्शन

सुष्मिता सेन ने अपने इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया कि स्टेंट लगाने की प्रक्रिया के दौरान भी उन्होंने बेहोशी की दवा लेने से साफ इनकार कर दिया था। हार्ट स्टेंट प्रक्रिया एक ऐसी मेडिकल तकनीक है जिसमें ब्लॉक धमनी को खोलकर उसमें रक्त प्रवाह सामान्य किया जाता है। यह आमतौर पर एनेस्थीसिया देकर की जाती है, ताकि मरीज को दर्द महसूस न हो।

लेकिन सुष्मिता ने कहा मुझे होश खोना पसंद नहीं है। और यही कारण है कि मैं उस हार्ट अटैक से खुद को बचा सकी। उनके मुताबिक वो पूरे ऑपरेशन के दौरान जाग रही थीं और डॉक्टरों से बात भी कर रही थीं।

डॉक्टरों से कहा— दर्द मत कम करना

चौंकाने वाली बात यह है कि सुष्मिता ने न सिर्फ बेहोशी की दवा लेने से मना किया बल्कि डॉक्टरों से यह भी कहा कि दर्द को कम मत कीजिए, ताकि वह खुद पूरी प्रक्रिया को महसूस कर सकें। वह बोलीं “मैं चाहती थी कि मैं खुद देखूं और समझूं कि मेरे शरीर में क्या हो रहा है। सर्जरी के दौरान उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर अपना मनोबल बनाए रखा।

जिम्मेदारी ने दिया वापस लौटने का साहस

सर्जरी के दौरान भी सुष्मिता को सेट और शूटिंग की चिंता थी। उन्होंने बताया “मेरी पूरी टीम जयपुर में इंतजार कर रही थी। मैं जानती थी कि अगर मैं जल्दी सेट पर नहीं पहुंची तो शूट रुक जाएगा। क्योंकि वह शो की लीड थीं, और उन पर पूरी टीम की जिम्मेदारी थी। लोग उन पर निर्भर थे, और यह सोच उन्हें जल्दी ठीक होने की प्रेरणा देती रही।

सेट पर सर्जरी के 15 दिन बाद ही लौट आईं

सुष्मिता ने बताया कि ऑपरेशन के महज 15 दिन बाद ही डॉक्टरों की मंजूरी के साथ उन्होंने शूटिंग फिर से शुरू कर दी। उनकी इस मजबूती ने मेडिकल टीम को भी हैरान कर दिया था। उन्होंने कहा “मैं जानती हूं मेरी अनुपस्थिति से कई लोगों की कमाई पर फर्क पड़ता। इसलिए मेरे लिए जल्दी ठीक होना और काम पर लौटना बेहद जरूरी था।

“हर पल की कीमत है… आगे बढ़ना ही सीख लिया है”

अपने अनुभव पर बात करते हुए सुष्मिता ने बताया कि अब वह जिंदगी को और ज्यादा गहराई से समझती हैं। उन्होंने कहा “मेरे लिए जिंदगी का हर पल कीमती है। जो बीत गया, उसे पीछे छोड़कर मैं बस आगे बढ़ना जानती हूं।

फैंस के लिए प्रेरणा बनी सुष्मिता

सुष्मिता सेन हमेशा से अपनी फिटनेस, आत्मविश्वास और मजबूत व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। हार्ट अटैक से उबरकर जिस तरह उन्होंने खुद को संभाला और तुरंत अपने काम पर लौटीं, वह हजारों लोगों के लिए प्रेरणा है।

उनकी यह कहानी साबित करती है कि असली सुंदरता सिर्फ चेहरे पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की हिम्मत और सोच में होती है। सर्जरी के दौरान होश में रहना: सुष्मिता सेन ने बताया कि उन्होंने अपनी हार्ट सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) लेने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्हें ‘होश खोना पसंद नहीं है’। उन्होंने डॉक्टरों से दर्द कम न करने के लिए भी कहा और प्रक्रिया के दौरान उनसे बात करती रहीं।

काम पर त्वरित वापसी: अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए, वह सर्जरी के केवल 15 दिन बाद डॉक्टरों की सहमति से शूटिंग पर लौट आईं। वह शो की मुख्य अभिनेत्री थीं और नहीं चाहती थीं कि उनकी वजह से क्रू के काम का नुकसान हो।

जीवन का दृष्टिकोण: इस अनुभव ने उन्हें जीवन की नश्वरता का गहरा एहसास कराया। उनका मानना है कि उनके बचने की कोई वजह थी और वह मानती हैं कि जीवन में सब कुछ क्षणिक है, इसलिए वह सिर्फ आगे बढ़ना जानती हैं।

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