नेपाल में चली सियासी उठापटक के बाद सुशीला कार्की ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली। सुशीला वहां की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही सुशीला कार्की के साथ कई सारे रिकॉर्ड एक साथ जुड़ गए। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं सुशीला कार्की और क्यों GEN Z की पसंद बनीं।
अंतरिम प्रधानमंत्री हैं कार्की
सुशीला कार्की ने शुक्रवार देर रात नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और आर्मी चीफ अशोक सिग्देल के बीच लंबी बहस चली और फिर सुशीला कार्की के नाम पर सहमति बनी। सुशीला कार्की के नाम को लेकर GEN Z भी सहमत थे। इससे पहले कई नाम चर्चा में थे, जिनमें GEN Z आंदोलन की अगुवाई करने वाले नेता से लेकर काठमांडू के नेता बालेन शाह का नाम भी शामिल था। लेकिन तख्तापलट के बाद आर्मी ने पूरे नेपाल को अपने कंट्रोल में ले लिया और आंदोलनकारियों से बातचीत की। हालांकि प्रधानमंत्री का नाम तय होने में वक्त लग गया, लेकिन नाम तय होते ही सुशीला कार्की को शपथ दिला दी गई।
एकमात्र महिला न्यायाधीश रही हैं सुशीला कार्की
अंतरिम प्रधानमंत्री बनने के साथ ही सुशीला कार्की के साथ कई रिकॉर्ड जुड़ गए। वे नेपाल की एकमात्र महिला न्यायाधीश रही हैं। उनका भारत से कनेक्शन भी है। वे वाराणसी में पढ़ी हैं और पहले बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में काम करती थीं।
शिक्षा और करियर की कहानी
सुशीला कार्की ने 1975 में पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। 1978 में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की। वकील के तौर पर करियर शुरू करते हुए कार्की 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं और 2010 में सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनीं। हालांकि 2017 में उन पर महाभियोग लगाकर हटा दिया गया।
पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव
अब वही सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनी हैं। कार्की देश की पहली महिला न्यायाधीश रही हैं और अब पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं। कार्की का जन्म भारत की सीमा से लगे विराटनगर में हुआ था। वे भारत के नेताओं से बहुत प्रभावित रही हैं। पिछले दिनों उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नमस्कार किया था।