Wednesday, March 11, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

किसानों की आत्महत्या और कृषि संकट: सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र व राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट तलब

DigitalDesk by DigitalDesk
December 14, 2025
in दिल्ली, मुख्य समाचार
0
SC takes strict action on farmers suicides
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

लाड़की बहिन योजना में बड़ा बदलाव: e-KYC अनिवार्य, लाखों नाम कटे—31 मार्च तक आखिरी मौका

लाड़की बहिन योजना में बड़ा बदलाव: e-KYC अनिवार्य, लाखों नाम कटे—31 मार्च तक आखिरी मौका

March 10, 2026
West Bengal and Jharkhand News: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट: ₹4,474 करोड़ की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

West Bengal and Jharkhand News: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट: ₹4,474 करोड़ की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

March 10, 2026

किसानों की आत्महत्या और कृषि संकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र व राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट तलब

नई दिल्ली: देश में किसानों की लगातार बनी हुई आर्थिक और सामाजिक परेशानियों, विशेष रूप से किसानों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने हाल ही में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) को निर्देश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर एक विस्तृत और समग्र रिपोर्ट दाखिल करें, जिसमें यह बताया जाए कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों ने किसानों के संकट को दूर करने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए हैं।

  • किसानों की आत्महत्या पर सुनवाई
  • सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
  • केंद्र राज्यों से जवाब तलब
  • कृषि संकट पर सख्त रुख
  • किसान कल्याण योजनाओं की समीक्षा

    यह निर्देश भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या की दो सदस्यीय पीठ द्वारा दिया गया। सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की परेशानी कोई एक आयामी समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें कर्ज का बोझ, फसल की लागत, प्राकृतिक आपदाएं, बाजार में उचित मूल्य न मिलना और सामाजिक-आर्थिक दबाव शामिल हैं। अदालत ने कहा कि इस विषय पर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से ठोस और समन्वित प्रतिक्रिया आवश्यक है।
    मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा, “हमें इस मुद्दे पर केंद्र और राज्यों की ओर से जवाब चाहिए। जवाब प्राप्त होने के बाद हम इस मामले की आगे सुनवाई करेंगे।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की आत्महत्या जैसे संवेदनशील और गंभीर विषय पर केवल नीतिगत घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का आकलन भी जरूरी है।
    यह मामला वर्ष 2014 में दाखिल एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसे ‘सिटिज़न्स रिसोर्स एंड एक्शन एंड इनिशिएटिव’ (CRANTI) नामक एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने दायर किया था। याचिका में विशेष रूप से गुजरात में किसानों की आत्महत्या के मामलों का हवाला देते हुए मृतक किसानों के परिवारों को राहत और मुआवजा देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता संगठन ने यह भी कहा था कि किसानों की आत्महत्या केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक और प्रशासनिक विफलता का संकेत है।
    हालांकि, वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के दायरे को व्यापक बनाते हुए इसे केवल गुजरात तक सीमित न रखकर राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा घोषित किया। अदालत ने तब केंद्र सरकार से एक राष्ट्रीय कार्ययोजना (नेशनल एक्शन प्लान) तैयार करने को कहा था, ताकि देशभर में किसानों की समस्याओं का समग्र समाधान किया जा सके। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को इस मामले में प्रतिवादी बनाते हुए उनसे भी जवाब मांगा था।
    अदालत का मानना है कि अलग-अलग राज्यों में किसानों की समस्याएं भले ही अलग स्वरूप में सामने आती हों, लेकिन उनका मूल कारण लगभग समान है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध निगरानी अत्यंत आवश्यक है।
    शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से विशेष रूप से यह जानकारी देने को कहा कि किसानों के कल्याण के लिए अब तक कौन-कौन सी योजनाएं लागू की गई हैं और उनका वास्तविक प्रभाव क्या रहा है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि केवल योजनाओं की सूची देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह बताना होगा कि इन योजनाओं से किसानों को किस हद तक लाभ पहुंचा है और आत्महत्या जैसे मामलों में कितनी कमी आई है।
    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह रुख सरकारों पर जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसानों की आत्महत्या का मुद्दा लंबे समय से देश में चिंता का विषय बना हुआ है और समय-समय पर इस पर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी होती रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
    सुप्रीम कोर्ट की इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकारें केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने के लिए बाध्य होंगी। आने वाले चार सप्ताह में दाखिल होने वाली रिपोर्ट के आधार पर अदालत आगे की दिशा तय करेगी और संभव है कि किसानों के हित में कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं।
    कुल मिलाकर, यह मामला न केवल किसानों की आत्महत्या से जुड़ा है, बल्कि देश की कृषि नीति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता से एक बार फिर यह संदेश गया है कि किसानों की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसके समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।

Post Views: 149
Tags: farmers suicides and agrarian crisisSupreme Court takes strict action
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

T-20 World Cup 2026: टीम इंडिया की जीत पर शोएब अख्तर की ये बात पाकिस्तानी फैन्स को चुभी

मनोरंजन
T20 World Cup Final: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत, विजेता पर होगी करोड़ों की बारिश

T20 World Cup Final: भारत-न्यूजीलैंड भिड़ंत, विजेता पर होगी करोड़ों की बारिश

मनोरंजन
West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

West Bengal: ममता का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’, आचार संहिता से पहले दो बड़ी योजनाओं का एलान, आज से ही बंगाल में लागू

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version