अकड़ के नशे में ठुकराईं सुपरहिट फिल्में…आज अब इस कलाकार को होता है अफसोस?

Sunny Deol had rejected some films which later proved to be superhits at the box office

अकड़ के नशे में ठुकराईं सुपरहिट फिल्में…आज अब इस कलाकार को होता है अफसोस?

बॉलीवुड के दमदार एक्शन हीरो सनी देओल का नाम आते ही आज भी दर्शकों की आंखों में 90 के दशक की कई यादगार फिल्में ताजा हो जाती हैं। गुस्से से भरी आंखें, बुलंद आवाज और देशभक्ति से लबरेज किरदार—सनी देओल लंबे समय तक बड़े पर्दे पर हीरोइज्म का दूसरा नाम बने रहे। इन दिनों सनी देओल अपनी अपकमिंग फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर चर्चा में हैं, जो 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। लेकिन इसी बीच उनके करियर से जुड़ा एक ऐसा पहलू भी सामने आता है, जो अक्सर स्टार्स के फैसलों पर सवाल खड़े करता है। दरअसल, अपने करियर के शिखर पर रहते हुए सनी देओल ने कुछ ऐसी फिल्मों को ठुकरा दिया था, जो बाद में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं। आज जब इन फिल्मों की चर्चा होती है, तो यही कहा जाता है कि शायद उस दौर में स्टारडम और आत्मविश्वास की अधिकता ने उनसे कुछ बड़े मौके छीन लिए।

स्टारडम के दौर में लिए गए कड़े फैसले

90 के दशक में सनी देओल का स्टारडम चरम पर था। ‘घायल’, ‘घातक’, ‘दामिनी’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया था। उस दौर में उनके पास फिल्मों की लाइन लगी रहती थी। कई बड़े निर्देशकों और प्रोड्यूसर्स की पहली पसंद सनी देओल हुआ करते थे। लेकिन इसी आत्मविश्वास के चलते उन्होंने कुछ फिल्मों को बिना ज्यादा सोचे-समझे मना कर दिया, जो आगे चलकर ऐतिहासिक साबित हुईं।

‘पुकार’ – जो अनिल कपूर की पहचान बन गई

राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘पुकार’ सनी देओल को ऑफर की गई थी। यह एक देशभक्ति से जुड़ी गंभीर फिल्म थी, जो सनी की इमेज से मेल भी खाती थी। हालांकि किसी कारणवश सनी देओल ने इस फिल्म को करने से इनकार कर दिया। इसके बाद यह फिल्म अनिल कपूर के हिस्से आई और उन्होंने इस किरदार को अमर बना दिया। आज ‘पुकार’ को अनिल कपूर के करियर की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है।

‘त्रिमूर्ति’ – मल्टीस्टारर से दूरी

निर्देशक मुकुल आनंद की 1995 में आई फिल्म ‘त्रिमूर्ति’ एक बड़े बजट की मल्टीस्टारर फिल्म थी। फिल्म के लिए सनी देओल को एक अहम रोल ऑफर किया गया था, लेकिन उन्हें यह भूमिका खास पसंद नहीं आई। उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया और फिल्म में अन्य कलाकारों को लिया गया। हालांकि फिल्म औसत रही, लेकिन यह उस दौर की चर्चित फिल्मों में जरूर शामिल हुई।

‘जानवर’ – अक्षय कुमार के करियर का टर्निंग पॉइंट

साल 1999 में रिलीज हुई सुनील दर्शन की फिल्म ‘जानवर’ भी पहले सनी देओल को ऑफर की गई थी। अगर सनी यह फिल्म करते, तो शायद कहानी कुछ और होती। लेकिन उनके मना करने के बाद यह फिल्म अक्षय कुमार को मिली और यहीं से अक्षय के करियर को एक नई दिशा मिली। ‘जानवर’ ने अक्षय को एक गंभीर और भावनात्मक अभिनेता के रूप में स्थापित किया।

‘कोयला’ – शाहरुख खान वाला रोल

यह बात कम लोग जानते हैं कि राकेश रोशन की फिल्म ‘कोयला’ में शाहरुख खान का किरदार पहले सनी देओल को ऑफर किया गया था। यह रोल शारीरिक और भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। सनी देओल ने इस भूमिका को करने से इनकार कर दिया। बाद में शाहरुख खान ने इस किरदार को निभाया और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की। आज भी ‘कोयला’ शाहरुख के करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल है।

‘बादल’ – भाई के नाम हुई फिल्म

निर्देशक राज कंवर की फिल्म ‘बादल’ में सनी देओल को कास्ट किया जाना था, लेकिन डेट्स की समस्या के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी। इसके बाद यह फिल्म उनके छोटे भाई बॉबी देओल के हिस्से आई। ‘बादल’ बॉबी के करियर की अहम फिल्मों में गिनी जाती है और इससे उन्हें अलग पहचान मिली।

‘सम्राट पृथ्वीराज’ – ऐतिहासिक किरदार से दूरी

साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ भी सनी देओल को ऑफर की गई थी। ऐतिहासिक और वीरता से भरी इस भूमिका के लिए उन्हें उपयुक्त माना गया था। लेकिन सनी देओल ने यह फिल्म भी करने से मना कर दिया। बाद में यह किरदार अक्षय कुमार ने निभाया। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा सकी, लेकिन चर्चा जरूर में रही।

क्या अब होता है पछतावा?

समय के साथ सनी देओल ने खुद कई इंटरव्यू में माना है कि करियर में कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जिन्हें बदलना मुश्किल होता है। शायद आज जब वह पीछे मुड़कर देखते होंगे, तो उन्हें अहसास होता होगा कि कुछ फिल्में उनके करियर की दिशा बदल सकती थीं। हालांकि, सनी देओल आज भी अपने दमदार व्यक्तित्व और फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।

‘बॉर्डर 2’ से फिर बड़ी वापसी की उम्मीद

अब जब सनी देओल ‘बॉर्डर 2’ के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं, तो उनके प्रशंसकों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। दर्शक मानते हैं कि भले ही उन्होंने कुछ मौके गंवाए हों, लेकिन सनी देओल की पहचान और विरासत आज भी मजबूत है।

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