शेयर बाजार में मजबूती की वापसी, सेंसेक्स 287 अंक चढ़ा, इकोनॉमिक सर्वे ने दिखाई ग्रोथ की उम्मीद

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच आज मजबूती देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 287 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ 25,450 के आसपास कारोबार करता नजर आया। चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला, हालांकि कई सेक्टर्स में दबाव भी बना रहा। निवेशकों की नजर इकोनॉमिक सर्वे और वैश्विक हालात पर टिकी रही।

L&T, टाटा स्टील और NTPC ने दिया बाजार को सहारा

आज के कारोबारी सत्र में L&T, टाटा स्टील, NTPC, ONGC और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों में आई तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। खासतौर पर मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में मजबूती दर्ज की गई, जहां 0.3% से लेकर 1.8% तक की बढ़त देखने को मिली। PSU बैंक शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही।

मारुति, एशियन पेंट्स और M&M बने दबाव की वजह

वहीं दूसरी ओर निफ्टी में मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, SBI लाइफ इंश्योरेंस, इंटरग्लोब एविएशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इन शेयरों के कमजोर प्रदर्शन के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। आईटी, मीडिया, फार्मा, एफएमसीजी, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर 0.5% से 1% तक गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करते नजर आए।

इकोनॉमिक सर्वे ने दिखाई भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत तस्वीर

जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद इकोनॉमिक सर्वे ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। सर्वे के अनुसार FY27 में भारत की ग्रोथ रेट 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। घरेलू मांग, सर्विस सेक्टर की मजबूती और संभावित GST कट से अर्थव्यवस्था को सपोर्ट मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और कैपिटल एक्सपेंडिचर से भी विकास को रफ्तार मिलने की संभावना है। सर्वे में इस साल अमेरिका के साथ ट्रेड डील होने की उम्मीद भी जताई गई है।

सोना-चांदी की तेजी को ग्लोबल रिस्क का संकेत बताया

इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी को वैश्विक वित्तीय और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता से जोड़कर देखा गया है। सर्वे के मुताबिक, कमजोर अमेरिकी डॉलर, निगेटिव रियल इंटरेस्ट रेट की उम्मीदें और बढ़ते ग्लोबल रिस्क के कारण निवेशक सेफ-हेवन एसेट्स की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें साफ किया गया है कि सोने और चांदी की कीमतें घरेलू मांग-सप्लाई से ज्यादा वैश्विक वित्तीय हालात पर निर्भर करती हैं।

नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

 

 

Exit mobile version