Stock Market Today: भू-राजनीतिक तनाव के बीच बाजार की दमदार वापसी, सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार उछाल

मंगलवार, 10 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने अनिश्चितता भरे माहौल के बावजूद जोरदार रिकवरी दिखाई। कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों का रुख सकारात्मक नजर आया और दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। दोपहर करीब 1:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 490 अंकों की मजबूती के साथ 78,056 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी-50 में 187 अंकों की तेजी दर्ज की गई। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने बाजार को मजबूती दी।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने बाजार को दी राहत और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया

मंगलवार की तेजी के पीछे सबसे अहम कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का अचानक नीचे आना रहा। एक दिन पहले ब्रेंट क्रूड लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ था। लेकिन अगले ही दिन इसमें तेज गिरावट आई और यह करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। तेल की कीमतों में आई इस नरमी ने निवेशकों को राहत दी और बाजार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया।

ट्रंप के बयान और वैश्विक घटनाक्रम से बना सकारात्मक माहौल, निवेशकों में लौटा भरोसा

विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का भी बाजार पर असर पड़ा। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान से जुड़ा मौजूदा तनाव जल्द खत्म हो सकता है, हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने की आशंका भी जताई। इन बयानों के बीच निवेशकों ने राहत की सांस ली और खरीदारी बढ़ाई, जिससे बाजार में तेजी बनी रही।

वैश्विक बाजारों की मजबूती ने घरेलू सूचकांकों को दिया सहारा और तेजी को बनाया व्यापक

अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भारतीय बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट दिया। अमेरिकी बाजारों में नैस्डैक कंपोजिट करीब 308 अंक यानी 1.4% बढ़कर 22,695 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 55 अंकों की बढ़त के साथ 6,795 का स्तर देखने को मिला। एशियाई बाजारों में भी तेजी रही—कोस्पी इंडेक्स करीब 5% चढ़ा और निक्केई-225 लगभग 2.5% मजबूत हुआ। इन संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया।

वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट ने कम किया डर का माहौल और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ाई

बाजार के डर को मापने वाला इंडिया VIX करीब 13% गिरकर 20.34 के स्तर पर आ गया। आमतौर पर इस इंडेक्स में गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों में घबराहट कम हो रही है और वे जोखिम लेने को तैयार हैं। इस बदलाव ने भी बाजार की तेजी को मजबूती दी और संकेत दिया कि आने वाले सत्रों में निवेशकों का रुख सकारात्मक रह सकता है।

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