Stock Market : शुरुआती तेजी के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा फिसला; टेक महिंद्रा टॉप लूजर

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 12 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर में बाजार की चाल बदल गई। शुरुआती उत्साह के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट बढ़ने लगी। बीएसई सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर 72,884 से फिसलकर 72,034 तक पहुंच गया, यानी ऊपरी स्तर से इसमें 850 अंकों की गिरावट दर्ज हुई। बाद में सेंसेक्स 414 अंक नीचे 72,058 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी भी अपने शुरुआती ऊंचे स्तर 22,651 से नीचे आकर 22,429 के करीब पहुंच गया। बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बीच टेक महिंद्रा, आईटीसी और एयरटेल जैसे शेयरों में दबाव दिखा। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, वैश्विक तनाव और रुपये को संभालने के लिए उठाए गए कदमों के बीच निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर बनी हुई है।

हरे निशान पर खुला बाजार, सेंसेक्स 72,800 के पार पहुंचा लेकिन तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी
सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 298 अंकों की बढ़त के साथ 72,771 के स्तर पर खुला। कारोबार के शुरुआती मिनटों में खरीदारी बढ़ने से सूचकांक 72,884 तक पहुंच गया और इसमें 354 अंकों तक की तेजी देखने को मिली। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 72 अंकों की बढ़त के साथ 22,593 पर खुला और कुछ देर बाद 22,600 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और रिलायंस के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, बाजार में यह मजबूती बरकरार नहीं रह सकी और बिकवाली बढ़ने के साथ दोनों प्रमुख सूचकांक नीचे आने लगे।

टेक महिंद्रा और आईटीसी में बिकवाली का दबाव, कई बड़े शेयरों ने बाजार की तेजी को कमजोर किया
शेयर बाजार में गिरावट के दौरान टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहा। शुरुआती कारोबार के दौरान इसका भाव करीब 3.50 प्रतिशत तक गिर गया। आईटीसी के शेयर में भी लगभग 2.35 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई। इसके अलावा भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, एनटीपीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। बाजार के प्रमुख शेयरों में बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स की शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। दूसरी ओर, एचसीएल टेक, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और रिलायंस जैसे शेयरों ने शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाई थी। हालांकि, बाद के सत्र में निवेशकों की बदलती धारणा के चलते बाजार में दबाव बढ़ता गया।

निफ्टी 22,651 के उच्च स्तर से नीचे आया, सेंसेक्स भी दिन के शिखर से लगातार फिसलता रहा
कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह करीब 9:35 बजे सेंसेक्स 72,450 तक आ गया था, जबकि निफ्टी 22,536 के आसपास कारोबार कर रहा था। लगभग 10 बजे तक निफ्टी 22,487 और सेंसेक्स 72,292 के करीब पहुंच गया। इसके बाद गिरावट और बढ़ी तथा सेंसेक्स 72,034 तक फिसल गया। निफ्टी भी 22,428 के स्तर तक पहुंच गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाजार ने शुरुआत में बढ़त बनाने के बाद तेजी से अपने ऊपरी स्तर गंवाए। हालांकि, शेयरों की कीमतों और सूचकांकों में बदलाव कारोबारी सत्र के दौरान जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों के लिए किसी एक समय के स्तर को पूरे दिन का अंतिम रुख मानना उचित नहीं होगा।

रुपये को सहारा देने के लिए RBI के कदम, डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में एक प्रतिशत की मजबूती
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को समर्थन देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से उठाए गए कदम भी सोमवार के कारोबार के दौरान चर्चा में रहे। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग एक प्रतिशत मजबूत होकर 95.76 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 96.73 रुपये प्रति डॉलर था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरबीआई के उपायों में तेल कंपनियों की डॉलर खरीद को स्पॉट बाजार से हटाने और हेजिंग से जुड़े नियमों को सख्त करने जैसे कदम शामिल हैं। इनका उद्देश्य विदेशी मुद्रा बाजार में दबाव कम करना और रुपये को समर्थन देना है। हालांकि, रुपये की आगे की चाल वैश्विक डॉलर की मजबूती, तेल की कीमतों और विदेशी पूंजी के प्रवाह सहित कई कारकों पर निर्भर करेगी।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बनी चुनौती, घरेलू संस्थानों की खरीदारी से मिल रहा बाजार को सहारा
भारतीय शेयर बाजार के सामने विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार 11 कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों की शुद्ध बिक्री की। शुक्रवार को उन्होंने करीब 35.69 अरब रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने उसी दिन 47.43 अरब रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सकारात्मक संकेत और गिफ्ट निफ्टी में बढ़त के बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव बना सकती है। मध्य पूर्व के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। ऐसे माहौल में बाजार की अगली दिशा वैश्विक संकेतों, रुपये की चाल और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगी।

 

 

 

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