Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 754 अंक चढ़ा; निफ्टी 22,848 पर पहुंचा, जियो के शेयरों में भी तेजी

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में भी लिस्टिंग के दूसरे दिन खरीदारी का रुझान बना रहा। उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 754 अंक उछलकर 73,820 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 143 अंक बढ़कर 22,848 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में तेजी के बीच अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी मजबूती रही। हालांकि, कारोबार के दौरान सूचकांकों और अलग-अलग शेयरों के भाव बदलते रहते हैं, इसलिए इन आंकड़ों को संबंधित समय के कारोबारी स्तर के रूप में देखा जाना चाहिए।

सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी से बाजार का माहौल मजबूत, निवेशकों की नजर अहम स्तरों पर
गुरुवार के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती दिखाई। सेंसेक्स शुरुआत में 22 अंक की बढ़त के साथ 72,268 पर खुला था, जबकि निफ्टी 8 अंक फिसलकर 22,691 के स्तर पर खुला। आगे कारोबार बढ़ने के साथ दोनों सूचकांकों में सुधार देखने को मिला। एक समय सेंसेक्स 182 अंक ऊपर 73,428 पर और निफ्टी 39 अंक बढ़कर 22,738 पर पहुंच गया। इसके बाद उपलब्ध आंकड़ों में तेजी और मजबूत हुई तथा सेंसेक्स 73,820 और निफ्टी 22,848 के स्तर तक पहुंचे। बाजार की इस चाल से पता चलता है कि कारोबारी सत्र में खरीदारी का रुझान मजबूत हुआ, हालांकि केवल एक समय की तेजी से पूरे दिन की दिशा या आगे के प्रदर्शन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

अडानी पोर्ट्स बना सेंसेक्स का टॉप गेनर, पावर ग्रिड और कोटक बैंक के शेयरों में भी खरीदारी
शेयर बाजार में तेजी के दौरान कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में अडानी पोर्ट्स सबसे आगे रहा, जिसके शेयर में 4.58 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा पावर ग्रिड के शेयर 3.23 प्रतिशत चढ़े, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक में 2.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार के सकारात्मक रुख को समर्थन मिला। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों के शेयरों की चाल उनके कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करती है। इसलिए निवेश से पहले कंपनी से जुड़ी जानकारियों और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में दूसरे दिन भी तेजी, भाव 1,478 रुपये तक पहुंचा
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में उतरने के बाद निवेशकों का ध्यान लगातार आकर्षित कर रहे हैं। कारोबार के शुरुआती दौर में कंपनी के शेयर 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 1,478 रुपये तक पहुंच गए। बाद के उपलब्ध आंकड़ों में शेयर का भाव 1,474 रुपये के आसपास रहा, जहां इसमें 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। जियो के शेयरों में यह गतिविधि लिस्टिंग के दूसरे दिन देखने को मिली। कंपनी के शेयरों की चाल पर बाजार की नजर बनी हुई है, लेकिन शुरुआती तेजी को भविष्य में लगातार बढ़त की गारंटी नहीं माना जा सकता। निवेशकों के लिए कंपनी का मूल्यांकन, कारोबारी संभावनाएं और बाजार में उतार-चढ़ाव समझना महत्वपूर्ण रहेगा।

गिफ्ट निफ्टी और 22,800 का स्तर बने बाजार की दिशा के अहम संकेत
कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी लगभग 22,766 पर था, जो पिछले बंद स्तर से करीब 33 अंक या 0.15 प्रतिशत ऊपर था। इससे घरेलू बाजार में सकारात्मक शुरुआत की संभावना जताई जा रही थी। बाजार विशेषज्ञों की नजर निफ्टी के 22,800 के स्तर पर भी थी। इस स्तर के ऊपर टिके रहने से तेजी को समर्थन मिल सकता है, जबकि उतार-चढ़ाव के बीच बाजार की दिशा बदल भी सकती है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाले कारक बने हुए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले के बाद वैश्विक बाजारों की प्रतिक्रिया भी भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच अमेरिकी टेक शेयरों पर दबाव, निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
एशियाई बाजारों में गुरुवार को ज्यादातर जगह मजबूती दिखाई दी, हालांकि अलग-अलग बाजारों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.03 प्रतिशत बढ़कर 6,074 पर पहुंच गया, जबकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 64,460 पर कारोबार करता दिखा। दूसरी तरफ, अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों के बाद नैस्डैक फ्यूचर्स में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 350 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इससे प्रौद्योगिकी शेयरों को लेकर निवेशकों की सतर्कता का संकेत मिला। कुल मिलाकर, भारतीय बाजार में तेजी के बावजूद वैश्विक आर्थिक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के नतीजे आगे कारोबार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

 

Exit mobile version