भारतीय शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन नुकसान में रहा और निवेशकों को भारी वित्तीय झटका लगा। बीएसई और एनएसई दोनों इंडेक्स में गुरुवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स ने दोपहर के समय 254 अंकों तक की कमी देखी, वहीं निफ्टी 50 करीब 25,000 अंक पर ट्रेड कर रहा था। पिछले चार कारोबारी दिनों में निवेशकों का लगभग 5,16,539 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
विदेशी निवेशक और अमेरिकी कारक
अमेरिका में उच्च टैरिफ और H1B वीजा शुल्क वृद्धि ने भारतीय बाजार पर दबाव डाला है। डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट भी विदेशी निवेशकों को भारतीय शेयरों से पैसे निकालने पर मजबूर कर रही है। मंगलवार को एफआईआई ने 3,551.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार में भारी दबाव बना।
निफ्टी की स्थिति
एनएसई पर निफ्टी 50 में पिछले एक साल के दौरान लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। बाजार में बीच-बीच में सुधार दिखा, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से बहाल नहीं हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं और सतर्क निवेश नीति के कारण बाजार में नई पूंजी प्रवाहित होने में देरी हो रही है।
भारतीय रुपये में हाल के समय में गिरावट ने भी शेयर बाजार को प्रभावित किया। डॉलर के मुकाबले रुपया 88.75 तक कमजोर हुआ है और वित्त वर्ष की शुरुआत से अब तक लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर मुद्रा के कारण विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से बाहर जा रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ गया है।
IT और अन्य सेक्टर पर असर
एच1बी वीजा शुल्क में वृद्धि और अमेरिकी व्यापार वार्ता में अनिश्चितता के चलते आईटी और अन्य सेक्टर के शेयर कमजोर रहे। निवेशक अब भविष्य के लाभ और कंपनी की आय को ध्यान में रखकर सतर्क रूप से निवेश कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक और घरेलू कारक दोनों के कारण फिलहाल तेजी की उम्मीद कम है।
नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।





