Stock Market: बाजार में बिकवाली का दबाव, निफ्टी 25,100 के नीचे फिसला

कमजोर शुरुआत के बाद बाजार दिनभर दबाव में

23 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बिकवाली हावी रही, जिसका असर अंत तक बना रहा। निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा शेयरों में भारी बिकवाली के चलते प्रमुख इंडेक्स नकारात्मक स्तर पर बंद हुए। निफ्टी 25,100 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 769.67 अंकों यानी 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,537.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 241.25 अंक यानी 0.95 प्रतिशत टूटकर 25,048.65 पर आ गया।

अडानी ग्रुप और एविएशन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

निफ्टी के टॉप लूज़र्स की बात करें तो अडानी ग्रुप के कई शेयरों पर दबाव दिखा। अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में तेज गिरावट रही। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल और इटरनल जैसे शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार की गिरावट के बीच मजबूती दिखाई। डॉ. रेड्डीज लैब्स, टेक महिंद्रा, ONGC, हिंडाल्को और HUL निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे, हालांकि इनकी तेजी बाजार को संभालने के लिए काफी नहीं रही।

सेक्टोरल इंडेक्स में लाल निशान, मिड और स्मॉलकैप दबाव में

इस कारोबारी दिन सभी सेक्टोरल इंडेक्स नुकसान में बंद हुए। पावर, PSU बैंक और मीडिया सेक्टर में करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर बाजार धारणा का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी पड़ा। BSE मिडकैप इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत गिरा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 2 प्रतिशत की तेज गिरावट देखने को मिली।

तिमाही नतीजों से कुछ शेयरों में हलचल

कंपनी नतीजों के मोर्चे पर मिला-जुला असर देखने को मिला। अतुल लिमिटेड ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का नेट प्रॉफिट 47.8 प्रतिशत बढ़कर 160.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि रेवेन्यू 11.1 प्रतिशत बढ़कर 1,573.6 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA भी बढ़कर 247.4 करोड़ रुपये रहा।

लॉरस लैब्स के शेयरों में 2.5 प्रतिशत तक की तेजी आई। कंपनी का तिमाही रेवेन्यू 25.7 प्रतिशत बढ़कर 1,778.3 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA 68 प्रतिशत उछलकर 481 करोड़ रुपये पहुंच गया।

वहीं पारस डिफेंस के शेयर नतीजों के बाद 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। हालांकि कंपनी का मुनाफा 21.3 प्रतिशत बढ़ा। दूसरी ओर सिप्ला के शेयरों में 4.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई। कंपनी का मुनाफा 57 प्रतिशत घटकर 675.8 करोड़ रुपये रह गया, जो बाजार अनुमान से काफी कम था।

नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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