वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार के कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार भारी दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में मामूली कमजोरी के साथ खुलने के बाद बिकवाली लगातार बढ़ती गई और प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हुए सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय बाजार पर बढ़ा दबाव
पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 726.56 अंक फिसलकर 73,923.28 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 190.20 अंक यानी करीब 0.81 फीसदी टूटकर 23,285 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
शुरुआती कारोबार में कमजोरी, बाद में बढ़ी बिकवाली
बाजार की शुरुआत ही नकारात्मक संकेतों के साथ हुई थी। सेंसेक्स 142 अंकों की गिरावट के साथ 74,507 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 67 अंक नीचे 23,415 पर पहुंच गया। शुरुआती घंटों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, लेकिन जैसे-जैसे वैश्विक संकेतों का असर बढ़ा, बिकवाली तेज होती गई। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के कई प्रमुख शेयरों में दबाव देखा गया, जिससे बाजार पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जापान ने बनाया नया रिकॉर्ड
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1,400 अंक यानी 2.14 फीसदी की तेजी के साथ 68,213 के पार पहुंचकर नया ऑल-टाइम हाई बनाने में सफल रहा। टॉपिक्स इंडेक्स में भी 0.93 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.18 फीसदी गिरकर 25,731 के स्तर पर आ गया। दक्षिण कोरिया का बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहा।
अमेरिकी बाजारों में रिकॉर्ड तेजी, लेकिन भारत पर नहीं दिखा असर
एक तरफ जहां भारतीय बाजार दबाव में रहा, वहीं अमेरिकी शेयर बाजारों ने मजबूत प्रदर्शन किया। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 228.91 अंक बढ़कर 51,307.79 के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 पहली बार 7,600 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करते हुए 7,609.78 पर पहुंच गया। वहीं नैस्डैक कंपोजिट भी बढ़त के साथ 27,093.90 के स्तर पर बंद हुआ। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की नजरें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर बनी रहीं।
कच्चे तेल और डॉलर में मजबूती ने बढ़ाई बाजार की चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.25 फीसदी बढ़कर 94.92 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.13 फीसदी की बढ़त के साथ 97.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं डॉलर इंडेक्स 99.24 पर पहुंच गया। रुपये में भी कमजोरी देखी गई और भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 95.27 के स्तर पर बंद हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल और डॉलर में तेजी भारतीय बाजारों के लिए निकट भविष्य में चुनौती बन सकती है।





